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दुनिया

शरणार्थी संकट में स्टीव जॉब्स की याद

एक ट्वीट ने दुनिया का ध्यान खींच लिया है. ना तो इस ट्वीट में किसी शरणार्थी के बच्चे का शव है और ना ही बाड़ फांदते लोगों की मजबूरी. पर फिर भी इसने सबको शरणार्थी संकट पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है.

"एक सीरियाई शरणार्थी का बच्चा." इन चंद शब्दों ने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी है. डेविड गेलब्रेथ ने एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की तस्वीर के साथ ये शब्द ट्वीट किए, तो लोगों का ध्यान जॉब्स के साथ साथ सीरियाई शरणार्थियों की त्रासदी की ओर भी गया. इन शब्दों को अब तक करीब 13 हजार बार रीट्वीट किया जा चुका है. साथ ही लंबी बहस भी छिड़ी है.

दरअसल स्टीव जॉब्स को गोद लिया गया था. लेकिन उनके सगे पिता सीरिया से नाता रखते थे. 1930 के दशक में उनके पिता अब्दल फताह जंदाली का जन्म सीरिया के होम्स में हुआ था. आज इस जगह का जिक्र सीरिया के गृह युद्ध का विवरण करने के लिए किया जाता है. 1950 के दशक में जंदाली पढ़ाई करने अमेरिका गए थे. माता पिता की विफल प्रेम कहानी का नतीजा ही था कि स्टीव को दत्तक माता पिता को सौंप दिया गया.

स्टीव जॉब्स के मूल रूप से सीरियाई होने पर चर्चा इसलिए है ताकि लोगों का इस ओर ध्यान दिलाया जा सके कि जो सीरियाई बच्चे यूरोप आते हुए अपनी जान गंवा रहे हैं, उनका भी जॉब्स जैसा भविष्य हो सकता था. खास कर तीन साल के आयलान कुर्दी के शव की तस्वीर आने के बाद से सीरियाई बच्चों के भविष्य को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी है.

हालांकि बहुत से लोग इस बात की शिकायत भी कर रहे हैं कि इंसानियत के नाते शरणार्थी संकट की ओर सभी का ध्यान जाना चाहिए, ऐसा करने के लिए किसी बड़ी हस्ती का सीरिया से नाता रखना जरूरी नहीं होना चाहिए. साथ ही कुछ लोग तंज भी कस रहे हैं कि अब जब स्टीव जॉब्स जैसी शख्सियत की बात आई है, तो इस मानव त्रासदी में लोगों की रुचि जग रही है. बहुत से लोग यह जानकर हैरान हैं कि अमेरिका के स्टीव जॉब्स की जड़ें दूर सीरिया में हैं.

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