1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

शरणार्थियों की मदद की अपील

जर्मन राजनीतिज्ञों और पादरियों ने क्रिसमस के मौके पर जर्मनी और यूरोप आने वाले शरणार्थियों के साथ एकजुटता की अपील की है. राष्ट्रपति योआखिम गाउक ने अपने क्रिसमस संदेश में जरूरतमंदों की मदद करने का आह्वान किया है.

वीडियो देखें 01:00

जर्मन राष्ट्रपति का क्रिसमस संदेश

राष्ट्रपति ने कहा कि हमें अपना दिल इसलिए छोटा नहीं करना चाहिए कि हम अपने यहां आने वाले हर किसी की मदद नहीं कर सकते. इस साल मध्य सागर में शरणार्थियों के साथ हुई दुर्घटनाओं ने लोगों में शोक का संचार किया है. खासकर अफ्रीका के शरणार्थी हर साल हजारों की तादाद में समुद्र के रास्ते यूरोपीय संघ में घुसने की कोशिश करते हैं. और इस कोशिश में हर साल सैकड़ों लोगों की जानें जाती है. अक्टूबर में लांपेडूजा में 360 शरणार्थियों की मौत के बाद से यूरोपीय संघ की शरणार्थी नीति आलोचना के घेरे में है.

राष्ट्रपति गाउक ने शरणार्थियों के लिए समझ की वकालत करते हुए कहा, "हमारे यहां आने वाले शरणार्थी इस उम्मीद से नहीं आते कि उन्हें बना बनाया बिस्तर मिलेगा." उन्होंने कहा कि घायलों की तस्वीरों के मद्देनजर हमें पूछना पड़ेगा कि क्या हम समुचित प्रयास कर रहे हैं. राष्ट्रपति ने कहा, "लोगों के घर छोड़ने के बहुत से कारण हैं. युद्ध, भूखमरी, दमन और कठिनाई." उन्होंने कहा कि यहां लोग आजादी, न्याय और सुरक्षा पाने भी आते हैं, जो उन्हें अपने देश में मयस्सर नहीं है.

राष्ट्रपति गाउक की जीवन संगिनी और बाल सहायता संगठन यूनीसेफ की मानद अध्यक्ष डानिएला शाट ने सीरिया के गृहयुद्ध में लोगों को हो रही तकलीफों की ओर ध्यान दिया. उन्होंने कहा कि इसका असर 55 लाख लोगों पर पड़ा है, 30 लाख बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक खोई पीढ़ी के बढ़ने का खतरा है. शाट ने सीरिया में लोगों की मदद के लिए चंदा देने का आह्वान किया. इस साल जर्मनी ने सीरिया के करीब 10,000 लोगों को शरण दी है.

जर्मनी के इवांजेलिक चर्च ने यूरोपीय संघ की शरणार्थी नीति की आलोचना की है. गिरजे की परिषद के प्रमुख निकोलाउस श्नाइडर ने सरकार पर यूरोप की किलाबंदी करने और लोगों को रोकने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बहुत से मामलों में मौलिक अधिकारों का हनन किया गया है. उन्होंने कहा कि जर्मनी ज्यादा लोगों को शरण दे सकता है और उनके लिए काम की परिस्थितियों में सुधार कर सकता है. श्नाइडर ने कहा, "शरणार्थियों की मदद करना हमारा मानवीय कर्तव्य है."

एमजे/आईबी (एएफपी, डीपीए)

DW.COM

इससे जुड़े ऑडियो, वीडियो

संबंधित सामग्री