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दुनिया

'व्हाइट हाउस कॉरेसपॉन्डेंट्स' को मिला फ्रीडम ऑफ स्पीच अवार्ड

डॉयचे वेले ने 'व्हाइट हाउस कॉरेसपॉन्डेंट्स एसोसिएशन' को फ्रीडम ऑफ स्पीच अवार्ड 2017 से नवाजा. डॉयचे वेले महानिदेशक पेटर लिम्बुर्ग 19 जून को ग्लोबल मीडिया फोरम में एसोसिएशन के अध्यक्ष जेफ मेसन को पुरस्कार प्रदान करेंगे.

अमेरिकी सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने में 'व्हाइट हाउस कॉरेसपॉन्डेंट्स एसोसिएशन' (WHCA) के पत्रकार अहम भूमिका निभा रहे हैं. भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते आये हों या उनकी सत्यनिष्ठा पर व्यक्तिगत हमले किये हों, लेकिन इस सबके बावजूद एसोसिएशन के पत्रकारों ने नए शासन की नीतियों के बारे में जैसे रिपोर्टिंग की है, उससे नये मापदंड स्थापित हुए हैं.

डॉयचे वेले के महानिदेशक पेटर लिम्बुर्ग ने कहा, "हमें अमेरिकी लोकतंत्र पर पूरा भरोसा है. इस भरोसे में एक मजबूत मीडिया पर निर्भरता भी शामिल है. द व्हाइट हाउस कॉरेसपॉन्डेंट्स एसोसिएशन एक तरह से सत्ताधारियों पर नियंत्रण करने वाले गारंटर हैं.” कभी "फेक न्यूज” तो कभी सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद मीडिया की आलोचना कर देश की मीडिया के सामने नयी चुनौती खड़ी कर दी. लिम्बुर्ग ने कहा कि ये वो अमेरिकी मीडिया है जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों को बहुत सम्मान देता है.

एसोसिएशन के अध्यक्ष जेफ मेसन ने कहा, "व्हाइट हाउस कॉरेसपॉन्डेंट्स एसोसिएशन डॉयचे वेले के फ्रीडम ऑफ स्पीच अवार्ड के लिए चुने जाने पर बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा है. एसोसिएशन हर दिन रिपोर्टरों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है ताकि वे इन नेताओं की रिपोर्टिंग कर सकें जिनकी नीतियां पूरे विश्व को प्रभावित करती हैं. संविधान में संरक्षण मिला होने के बावजूद अमेरिका में प्रेस फ्रीडम ऐसे ही नहीं मिलती. हमें सतर्क रहना होगा ताकि ये आजादी बरकरार रहे, भले ही वॉशिंगटन में सत्ता किसी की भी हो.”

जर्मनी के अंतरराष्ट्रीय प्रसारक डॉयचे वेले ने दो साल पहले किसी ऐसे व्यक्ति या अभियान को सम्मानित करने के लिए फ्रीडम ऑफ स्पीच अवार्ड की शुरुआत की थी, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के लिए असाधारण काम करते हों.

2015 में इस पुरस्कार के लिए सऊदी अरब की जेल में बंद ब्लॉगर रईफ बदावी को चुना गया था. उनकी तरफ से यह अवार्ड उनकी पत्नी इंसाफ हैदर ने स्वीकार किया था. 2016 में तुर्की के दैनिक "हुर्रियत” के मुख्य संपादक सेदात एर्गिन को यह अवार्ड दिया गया, जो कि तुर्की में राष्ट्रपति एर्दोवान की सरकार का विरोध करने की हिम्मत रखने वाला आखिरी स्वतंत्र अखबार चला रहे थे. 

पुरस्कार समारोह 19 जून को बॉन में डॉयचे वेले की अंतरराष्ट्रीय मीडिया कॉन्फ्रेंस 'ग्लोबल मीडिया फोरम' के दौरान होगा. डॉयचे वेले की इस सालाना कॉन्फ्रेंस में 100 से भी अधिक देशों से 2,000 से ज्यादा नेता, पत्रकार और विभिन्न जन मंचों के प्रतिनिधि जुटते हैं और लोकतांत्रिक बदलाव लाने में मीडिया की भूमिका को और सशक्त बनाने पर चर्चा करते हैं.

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