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दुनिया

वेनेजुएला में संसदीय चुनावों के लिए वोटिंग

रविवार को दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में संसदीय चुनावों के लिए वोटिंग हो रही है. यह चुनाव राष्ट्रपति हूगो चावेज के लिए बड़ी परीक्षा हैं क्योंकि पिछली बार विपक्षी दलों ने चुनाव का बहिष्कार किया था.

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राष्ट्रपति हूगो चावेज

इस बार विपक्षी दल लड़ाई में पूरे जोर शोर से उतरे हैं. देश में एक करोड़ 70 लाख वोटर हैं. दो साल बाद देश में राष्ट्रपति चुनाव होंगे. विपक्षी दल अभी से उसकी तैयारियों का हिसाब लगा रहे हैं. इसलिए उन्होंने इस बार चुनावों में हिस्सा लेने का फैसला किया है. कई विपक्षी दल अपने मतभेद भुलाकर टेबल फॉर डेमोक्रैटिक यूनिटी (एमयूडी) के बैनर तले मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं.

चुनाव पूर्व सर्वेक्षण कहते हैं कि मुकाबला काफी कड़ा होगा, लेकिन सत्ताधारी यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी ऑफ वेनेजुएला (पीएसयूवी) को मामूली बढ़त मिल सकती है. देश में हाल ही में चुनाव क्षेत्रों का पुनर्गठन हुआ जिसका फायदा पीएसयूवी को मिल सकता है. पार्टी के चुनाव प्रचार के प्रमुख आरिस्तोबुलो इस्तुरिज बताते हैं, "हम बहुमत के लिए नहीं बल्कि असेंबली में प्रभुत्व हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं. हम बहुत आराम से 110 का आंकड़ा पार कर जाएंगे."

Margarita López Maya kandidiert für die Parlamentswahl in Venezuela am 26.09.2010

प्रचार अभियान

पिछले पांच साल में चावेज की पार्टी ने बड़े आराम से बिना किसी बहस के कानून बनाए हैं. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जैसे अहम पदों पर नियुक्तियों में भी उन्हें कोई खास दिक्कत नहीं हुई. देश की छोटी मोटी वामपंथी पार्टियों के नेता संसद में ज्यादा विरोध नहीं कर सके. लेकिन इस बार वे देश को विकल्प उपलब्ध कराने के नाम पर चुनाव लड़ रहे हैं.

एक दशक से ज्यादा लंबे अपने शासन में चावेज ने कई उद्योगों, मीडिया और अन्य क्षेत्रों का राष्ट्रीयकरण किया है. उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कई कार्यक्रम शुरू किए और विपक्षी दलों पर दबाव भी बढ़ाया है. 13 बार संसद में वोटिंग हुई लेकिन चावेज बस एक बार हारे. इसी तरह की जीत वह चुनावों में चाहते हैं. एक रैली में उन्होंने कहा, "हम नॉक आउट के जरिए चुनाव जीतना चाहते हैं." दूसरी तरफ डेलजा सोलोरसानो जैसे विपक्षी नेता 'बहुरंगी वेनेजुएला' के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं.

चुनाव में ढाई लाख सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. देश की 2000 किलोमीटर लंबी सीमा को सील कर दिया गया है.

इस चुनाव पर अमेरिका की निगाह बनी हुई है. 56 वर्षीय पूर्व सैन्य अफसर हूगो चावेज अमेरिका विरोध में कई मंचों से आवाज उठाते रहे हैं. इसलिए उनकी जीत या हार अमेरिका के लिए अहम हो जाती है. दक्षिण अमेरिका के लिए अमेरिकी राजनयिक आरतुरो वालेनजुएला कहते हैं, "अलग अलग क्षेत्रों के लोग चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं इसलिए हम इस चुनाव को काफी अहम मानते हैं."

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः महेश झा

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