1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

खेल

वीडियो: ये फुटबॉल है या जंग

खेल नहीं, साहब वहां जंग सी होती है. खिताब दांव पर न ही हो तो भी खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करने के चक्कर में कई बार खिलाड़ी आपा खो देते हैं. रियाल मैड्रिड और बार्सिलोना की कहानी कुछ ऐसी ही है.

रियाल मैड्रिड बनाम एफसी बार्सिलोना, क्लब फुटबॉल के इतिहास में इससे दिलचस्प कोई मुकाबला नहीं. यही वजह है कि सिर्फ इसी मुकाबले को एल क्लासिको कहा जाता है. इसका खुमार किसी भी फाइनल या चैंपियंस लीग से भी ज्यादा होता है. लेकिन इसी होड़ में जमकर हंगामा भी होता है. बड़े से बड़े खिलाड़ी भी इस दौरान आपा खो देते हैं. एक दूसरे को किसी भी तरह हराने के चक्कर में मैदान पर कई बार गुस्से से भरे दृश्य भी दिखते हैं.

 

सर्वश्रेष्ठ क्लबों में शुमार इन टीमों के लिये दुनिया के चुनिंदा बेहतरीन खिलाड़ी फुटबॉल खेलते हैं. रियाल मैड्रिड के लिए जहां क्रिस्टियानो रोनाल्डो, गेरथ बेल, करीम बेंजमा, सेर्गियो रामोस, टोनी क्रूज और मार्सेलो जैसे स्टार पिच पर उतरते हैं, तो बार्सिलोना की जर्सी में लियोनेल मेसी, लुई सुआरेस, नेमार जूनियर, आंद्रेया इनिएस्ता और पिके जैसे बड़े नाम दिखते हैं.

बीते 30 साल से इन क्लबों के लिए बड़े बड़े खिलाड़ी खेलते रहे हैं. चाहे वो ब्राजील के रोनाल्डो हों, फ्रांस के जिदान या फिर रोनाल्डिनियो या पुयोल. दोनों टीम को मैच सिर्फ एक स्तर पर नहीं खेला जाता, बल्कि इसके कई आयाम होते हैं. स्टार खिलाड़ी इस मुकाबले को व्यक्तिगत जोर आजमाइश से रूप लेते हैं, कोचों के लिए खुद को ज्यादा बड़ा रणनीतिकार साबित करने का मौका होता है और फैंस के लिए नाक ऊंची करने का चांस. इस दौरान सब होता है, 90 मिनट का जबरदस्त खेल, उस दौरान कई बार झगड़ा, हार, जीत, रेफरी की शिकायत, बाद में फैंस की झड़प, शायद यही एल क्लासिको है.

(फुटबॉल के ड्रामेबाज)

ओएसजे/आरपी

 

DW.COM

संबंधित सामग्री