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खेल

वीडियो: ओलंपिक का सबसे भाग्यशाली पदक विजेता

मेडल या मुकाबला जीतने के लिए खिलाड़ियों को बेहतर खेल के साथ साथ संयोग या किस्मत की जरूरत पड़ती है. यकीन न आए तो खुद देख लीजिए.

अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में फाइनल में पहुंचने वाले ज्यादातर खिलाड़ी एक दूसरे से बहुत ज्यादा अलग नहीं होते. स्कूल, कॉलेज, स्टेट और नेशनल लेवल के मुकाबलों को पार कर यहां तक पहुंचने वाले जानते हैं कि उन्हें बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा. लेकिन कभी कभी दुर्भाग्य या सौभाग्य जैसी घटनाएं भी होती हैं. अगर आपको अब भी इस बात पर यकीन न आए तो ये वीडियो देखें.

मसलन पैर में मोच आना, चोट लग जाना, तबियत बिगड़ जाना या हादसे का शिकार हो जाना. ऐसे में खिलाड़ी चाहकर भी कुछ नहीं कर पाते हैं. तमगे की आस लेकर मुकाबले में पहुंचने वालों को ऐसी स्थिति में निराशा मिलती है. यूसेन बोल्ट, माइकल फेल्प्स जैसे बड़े खिलाड़ी भी ऐसी अजीबोगरीब परिस्थितियों से गुजर चुके हैं.

यह वीडियो 2002 में सॉल्ट लेक में हुए विंटर ओलंपिक्स का है, जहां आइस स्केट रेसिंग के फाइनल में पांच खिलाड़ी पहुंचे. रेस शुरू होने के बाद चार बहुत आगे निकल गए. पांचवें नंबर पर मौजूद ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी काफी पीछे रह गया. लेकिन इसके बाद जो कुछ हुआ, वो इतना नाटकीय था कि उस पर बामुश्किल यकीन होता है. आगे रहने वाले चारों खिलाड़ी फिनिशिंग लाइन से ठीक पहले गिर गए और पीछे अकेले सही सलामत ढंग से आ रहे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी गोल्ड मेडल जीत गए.

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