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जर्मन चुनाव

वीजा पर भारत की चिंता दूर करेगा अमेरिका

अमेरिका ने कहा है कि हाल ही में एच-1बी और एल-1 वीजा की बढ़ी फीस पर वो भारत के साथ मिलकर कोई रास्ता निकालेगा, जो दोनों देशों के हित में हो. ओबामा प्रशासन मानता है कि फीस बढ़ने से दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों पर असर होगा.

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ओबामा प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी रॉन किर्क ने कहा कि वीजा फीस का बढ़ना दोनों देशों के बीच एक बड़ा मुद्दा है और सरकार चाहती है कि वो भारत के साथ इस पर बात करके कोई बीच का रास्ता निकाले. एक न्यूज चैनल से बातचीत में किर्क ने कहा. "हमारी कोशिश होगी कि वीजा फीस का मामला हमारे कुछ ख़ास साझीदारों जैसे कि भारत को न चुभे." किर्क ने ये बयान वीजा फीस बढ़ने से भारत में मचे उठापटक के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में दिया.

Barack Obama in Cairo

भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं ओबामा

हाल ही में अमेरिकी सरकार ने एच1बी वीजा की फीस 320 अमेरिकी डॉलर (करीब 15 हजार रुपये) से बढ़ाकर 2,320 डॉलर (लगभग एक लाख 10 हजार रुपये) कर दी है. इसमें 650 डॉलर (लगभग 30,000 रुपये) मेक्सिको सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के नाम पर भी शामिल किए गए हैं. भारतीय आईटी उद्योग का कहना है कि इससे उन पर हर साल 20 करोड़ डॉलर का बोझ पड़ेगा.

किर्क ने कहा "वीजा फीस का बढ़ना भारतीय लोगों को अच्छा नहीं लगा है. ये बात मैंने अपने सहयोगियों से सुनी है. अगले कुछ हफ्तों में भारत-अमेरिकी ट्रेड फोरम में इस पर चर्चा होगी."

किर्क हाल ही में में एच-1बी वीजा पर उठाए कांग्रेस के कदमों से भी खुश नहीं है. उन्होंने कहा कि ये एक आर्थिक मामला है जबकि इसे आप्रवासन मामले से जोड़ कर देख रही है. किर्क ने उम्मीद जताई है कि जल्दी ही दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत इस मामले से जुड़ी भारत की सारी चिंताएं दूर कर देगी.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः ए जमाल

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