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दुनिया

विस्फोटक रखने वाला सीरियाई शरणार्थी गिरफ्तार

जर्मन पुलिस ने घर में विस्फोटक रखने वाले सीरियाई शरणार्थी को गिरफ्तार किया. दो दिन की सघन तलाशी के बाद पुलिस संदिग्ध तक पहुंची.

जर्मनी की घरेलू खुफिया सेवा की सूचना के आधार पर पुलिस ने केमनित्स शहर के एक अपार्टमेंट पर छापा मारा. छापे में पुलिस को 100 ग्राम से ज्यादा विस्फोटक मिला. विस्फोटक छुपाया गया था. पुलिस के मुताबिक विस्फोटक काफी नुकसान पहुंचा सकता था. इस दौरान एक और अपार्टमेंट पर भी छापा मारा गया. पुलिस ने तीन लोगों से पूछताछ भी की. लेकिन विस्फोटक वाले अपार्टमेंट में रहने वाला सीरियाई शरणार्थी भाग निकला. सोमवार सुबह पुलिस ने 22 साल के जाबेर ए को केमनित्स से 80 किलोमीटर दूर लाइपजिग शहर में गिरफ्तार किया. सैक्सनी प्रांत की पुलिस ने ट्वीट करके यह जानकारी दी.

पुलिस के मुताबिक संदिग्ध सीरियाई नागरिक 2015 में जर्मनी आया. जर्मनी में उसे शरणार्थी का दर्जा मिला. अभी यह साफ नहीं हुआ है कि जाबेर छापे के दौरान भागने में कैसे सफल हुआ. पुलिस ने शनिवार सुबह सात बजे छापा मारा था. इस दौरान पुलिस अफसरों ने उसे निकलते हुए देखा और चेतावनी के लिए एक फायर भी किया. लेकिन इसके बावजूद जाबेर भागने में सफल हो गया. इसके बाद दो दिन तक गहन तलाशी अभियान चला. पुलिस ने कई जगहों पर दबिश दी. रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट पर कड़ी निगरानी रखी गई.

Deutschland Syrer nach Sprengstoffund in Chemnitz gesucht (picture-alliance/dpa/Polizei Sachsen)

जर्मनी के प्राइवेसी कानून के तहत संदिग्ध की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती. इसीलिए संदिग्ध का पूरा नाम नहीं लिखा गया है.

अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि नंवबर 2015 में पेरिस में और मार्च 2016 में ब्रसेल्स में हुए आतंकवादी हमलों में कहीं इसी तरह के विस्फोटकों का इस्तेमाल तो नहीं किया गया था. अभी यह साफ नहीं हुआ है कि शरणार्थी आखिर विस्फोटकों के साथ क्या कर रहा था. जर्मन मीडिया में कई तरह के खबरें चल रही हैं, लेकिन पुलिस ने इन पर टिप्पणी करने से इनकार किया है. पुलिस के मुताबिक ज्यादा सूचना देकर वह मुखबिरों की सुरक्षा को खतरे में नहीं डालना चाहती है.

जर्मनी में शरणार्थियों को लेकर राजनीति गर्म है. 2015 में 8,90,000 शरणार्थी जर्मनी आए. खुली बाहों से शरणार्थियों का स्वागत करने वाली चांसलर अंगेला मैर्केल अब भारी दबाव में हैं. कई प्रांतीय चुनावों में उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है. इन हारों के बाद चांसलर अपनी ही पार्टी में कमजोर पड़ रही हैं. आतंकवाद के शक में गिरफ्तार हो रहे शरणार्थी भी उनकी मुश्किलें बढ़ा रहे हैं.

(देखिये कहां कहां से यूरोप पहुंच शरणार्थी)

ओएसजे/एमजे (डीपीए, एपी)

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