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दुनिया

विवाद के साये में ली की यात्रा

चीन के प्रधानमंत्री ली केचियांग अपना पद संभालने के बाद पहली बार विदेश यात्रा पर जा रहे हैं. भारत सहित पाकिस्तान, स्विट्जरलैंड और जर्मनी के दौरे पर जा रहे ली से उम्मीद है कि वे सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर बात करेंगे.

भारत के साथ ली की बातचीत अहम रहेगी. इस साल भारत ने चीन पर आरोप लगाया कि उसके सैनिक हिमालय में भारतीय सरहद पार कर गए हैं. भारत में नौ दिनों की यात्रा के दौरान उनसे उम्मीद है कि वे सीमा मुद्दे पर भी बात करेंगे. लेकिन जैसा कि चीन के उप विदेश मंत्री सोंग ताओ ने पत्रकारों से कहा, "दोनों देशों की संस्कृतियां पुरानी हैं और यह प्राचीन सभ्यताएं हैं. दोनों बढ़ते बाजार हैं और इस लिहाज से समस्याओं के शांतिपूर्वक समाधान पर जोर लगाया जाएगा." साथ ही सोंग ने कहा कि चीन और भारत के रिश्तों में बेहतरी आ रही है और इन समस्याओं पर ध्यान देने से ज्यादा दोनों देशों की सरकारें संबंध बढ़ाने और आर्थिक विकास पर जोर देंगी. भारत और चीन में मिलाकर दो अरब से ज्यादा लोग रहते हैं जो विश्व की 30 प्रतिशत जनसंख्या के बराबर है.

चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. पिछले साल दोनों देशों में करीब 66 अरब डॉलर का व्यापार हुआ. चीन के उप वाणिज्य मंत्री जियांग याओपिंग के मुताबिक 2015 तक इस आंकड़े को 100 अरब डॉलर तक लाने की कोशिश की जाएगी. दोनों देश ब्रिक्स समूह के सदस्य हैं और इनके साथ दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और रूस भी शामिल हैं.

1962 के युद्ध के बाद भारत और चीन में सीमा को लेकर तनाव अब भी खत्म नहीं हुआ है. हाल ही में सरहद को लेकर विवाद में भारत सरकार ने चीन पर आरोप लगाया कि उसके सैनिक भारतीय सरहद के 20 किलोमीटर अंदर घुस गए हैं. बीजिंग ने इस आरोप को गलत बताया और इस बीच भारत ने भी पुष्टि की कि सैनिक बाहर चले गए हैं. वहीं पाकिस्तान और चीन की दोस्ती काफी करीब मानी जाती है और चीन ने उसे "बुरे और अच्छे वक्त का साझेदार" बताया है. इस वजह से भारत और चीन के बीच भी परेशानियां आती हैं. ली पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगे.

यूरोप के दौरे के दौरान ली पहले स्विट्जरलैंड जाएंगे जिसके साथ वे एक मुक्त व्यापार समझौता करना चाहते हैं. पिछले महीने बीजिंग ने आइसलैंड के साथ एक समझौता किया जो किसी भी यूरोपीय देश के साथ उसका पहला समझौता है. यात्रा का अंतिम पड़ाव जर्मनी है जो यूरोप में चीन का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. पिछले साल दोनों देशों के बीच करीब 160 अरब डॉलर का सौदा हुआ जो यूरोपीय संघ के साथ चीन के कुल व्यापार का लगभग 30 प्रतिशत है. चांसलर अंगेला मैर्केल के साथ वह सोलर पैनेलों के सौदे के विवाद पर बात करेंगे. जर्मनी अपनी कंपनियों को बचाने के लिए चीन के सोलर पैनेलों पर टैक्स लगाना चाहता है लेकिन चीन का कहना है कि ऐसा करने से दोनों देशों के बीच संबंधों पर आंच पड़ सकती है.

इस साल मार्च में राष्ट्रपति शी जिनपिंग रूस सहित तीन अफ्रीकी देशों का दौरा करने गए. हाल ही में शी और ली राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री पद पर चुने गए थे. चीन में करीब हर दस सालों में सरकार बदलती है.

रिपोर्टः एमजी/एएम(एएफी, रॉयटर्स)

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