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दुनिया

विवादों में ईयू आयोग प्रमुख का चुनाव

जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल दो दिन की स्वीडन यात्रा पर हैं. इस दौरे पर वे स्वीडन और नीदरलैंड के सरकार प्रमुखों के अलावा ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के साथ यूरोपीय आयोग के नए प्रमुख के बारे में चर्चा करेंगी.

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कैमरन ने लक्जेमबर्ग के जां क्लोद युंकर के आयोग के प्रमुख बनने पर यूरोपीय संघ से निकल जाने की धमकी दी है. स्वीडन के प्रधानमंत्री फ्रेडेरिक राइनफेल्ट और नीदरलैंड्स के मार्क रुटे भी युंकर के समर्थकों में गिने जाते हैं. जर्मन चांसलर पिछले हफ्ते कह चुकी हैं कि वे ब्रिटिश प्रधानमंत्री की आपत्तियों से सहमत नहीं हैं. वे आयोग प्रमुख के पद के लिए युंकर का समर्थन कर रही हैं.

इस बीच पिछले महीने हुए यूरोपीय संसद के चुनावों के नतीजों पर बहस जारी है. चुनावों में लक्जेमबर्ग के पूर्व प्रधानमंत्री जां क्लोद युंकर के नेतृत्व में यूरोप की अनुदारवादी पार्टियों के गठबंधन को सर्वाधिक सीटें मिली. संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों के आधार पर उन्हें यूरोपीय आयोग का अध्यक्ष बनाने की मांग हो रही है, लेकिन ब्रिटेन समेत कई देश इससे सहमत नहीं हैं. इसमें स्वीडन, नीदरलैंड्स और हंगरी भी शामिल हैं. स्वीडन के फ्रेडेरिक राइनफेल्ट ने मैर्केल, कैमरन और रुटे को बातचीत के लिए बुलाया है.

यूरोपीय आयोग के प्रमुख का प्रस्ताव यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के सरकार प्रमुख आपसी सहमति से देते हैं, जिसके बाद यूरोपीय संसद में चुनाव होता है. इस बार संसद के बढ़े अधिकारों के बीच यूरोपीय संघ को लोकतांत्रिक बनाने के लिए संसद के बहुमत के नेता को आयोग का प्रमुख बनाने की मांग हो रही है. मैर्केल युंकर का समर्थन इसलिए भी कर रही हैं कि दोनों की पार्टियां यूरोपीय संसद में रूढ़िवादी विचारधारा की यूरोपीयन पीपुल्स पार्टी (ईपीपी) की सदस्य हैं. संसद में कुल सात पार्टियां हैं और विचारधाराओं के अनुसार अलग अलग देशों की पार्टियां इनसे जुड़ी हुई हैं.

ब्रिटेन की धमकी

युंकर को यूरोपीय आयोग का प्रमुख जाने पर यूरोपीय संघ छोड़ने की ब्रिटेन की धमकी के बाद ईपीपी के सदस्य और जर्मनी की सीएसयू पार्टी के नेता मानफ्रेड वेबर ने ब्रिटेन की मांग का विरोध किया है. एक जर्मन अखबार से बातचीत में वेबर ने कहा, "हम इस पर कोई समझौता नहीं कर सकते. हम यूरोप की आत्मा को बेच नहीं सकते."

कैमरन ने इस तरह की भी मांग की है कि सभी देशों के पास यह अधिकार होना चाहिए कि वे यूरोपीय संसद के किसी भी फैसले को टाल सके. इसके जवाब में वेबर का कहना है, "अगर हम हर राष्ट्रीय संसद को वीटो का अधिकार देने लगे, तो यूरोप में कभी कोई फैसले नहीं लिए जा सकेंगे." उन्होंने कहा कि अगर कैमरन को किसी नीति या व्यक्तिविशेष से दिक्कत है तो उन्हें खुल कर उस पर बात करनी चाहिए.

फैसले का सम्मान

जां क्लोद युंकर के लिए अपना समर्थन व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, "हमें मतदाताओं के फैसले का सम्मान करना चाहिए. वही आयोग के अगले प्रमुख बनेंगे." कई आलोचकों का यह भी कहना है कि अगर नतीजे आने के बाद भी उन्हें स्वीकारा ना जाए, तो चुनाव कराने की कोई जरूरत ही नहीं है. दो दिन की स्वीडन यात्रा में मैर्केल के लिए युंकर के नाम पर कैमरन को राजी करवाना सबसे बड़ी चुनौती होगी.

1995 से 2013 के बीच जां क्लोद युंकर 18 साल तक लक्जेमबर्ग के प्रधानमंत्री रहे और उनके नाम किसी भी लोकतंत्र में सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड है. यूरोप में वे काफी लोकप्रिय हैं. यही वजह है कि ट्विटर पर उनके करीब 40,000 फॉलोअर हैं.

आईबी/एमजे (डीपीए, एएफपी)

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