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दुनिया

विद्रोही तेवर वाले बनेंगे रक्षा मंत्री

ईरान के प्रति नरम और इस्राएल पर सख्त रवैया. ऐसी शख्सियत को अमेरिका के रक्षा मंत्री की कमान देना टेढ़ी खीर है. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चक हेगल का नाम प्रस्तावित कर दिया है, जो इन वजहों से विवाद में रहे हैं.

ओबामा डेमोक्रैटिक पार्टी के हैं, जबकि हेगल रिपबल्किन पार्टी के. हालांकि इराक युद्ध के वक्त वह अपने ही राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के विरोध में खड़े थे और इसलिए रिपब्लिकन पार्टी के कई सदस्य उनसे आज तक नाराज हैं. कईयों ने इशारा कर दिया है, जब सीनेट में उनके नाम की पुष्टि की बारी आएगी, तो वे विरोध में उठ खड़े हो सकते हैं.

पर लियोन पैनेटा की जगह वियतनाम युद्ध में शामिल रहे हेगल का नाम रखते हुए राष्ट्रपति ओबामा ने उनकी शान में कसीदे पढ़े, "जब चक को युद्ध में छर्रा लगा, तो उनके भाई ने बचाया. जब उनके भाई बारूदी सुरंग की चपेट में आ रहे थे, तो चक ने अपनी जान पर खेल कर उन्हें बचाया. चक के शरीर पर आज भी छर्रों के निशान हैं, जो उन्हें उस युद्ध में मिला, जो उन्होंने हमारे लिए लड़ा."

रिपब्लिकन पार्टी के कई सदस्य मानते हैं कि अपनी पार्टी का विरोध और डेमोक्रैट राष्ट्रपति का साथ देने की वजह से ही उनका नाम लाया गया है. अमेरिका में विपक्षी पार्टी के किसी एक नेता को वरिष्ठ मंत्री बनाने की रिवायत है. इन प्रस्तावों को सीनेट से मंजूरी दिलानी होती है, जो आसान काम नहीं.

हेगल 66 साल के हैं और मुंहफट तरीके से बयान देते आए हैं. वह अमेरिका की यहूदी लॉबी पर भी सवाल उठा चुके हैं और ईरान पर लगातार प्रतिबंध का विरोध कर चुके हैं. रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर लिंडसे ग्रैहम का कहना है कि हेगल "अमेरिकी इतिहास में इस्राएल के प्रति इस तरह का रुख रखने वाले पहले रक्षा मंत्री होंगे." इसी पार्टी के जॉनी कॉरनीन ने कहा है कि वह सदन में इस प्रस्ताव का विरोध करेंगे.

सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के नेता मिच मैकोनेल ने भी इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि "वह निश्चित तौर पर विदेश और रक्षा मामलों में विरोध का स्वर मुखर करते आए हैं. अब सवाल यह उठता है कि क्या ऐसे शख्स को इस काम में लगाया जा सकता है."

अमेरिका और इस्राएल के बीच बेहद घनिष्ठ संबंध हैं और दोनों देशों में उच्च स्तर की सामरिक संधि है. इस्राएल के साथ बिगाड़ रखने वाले रक्षा मंत्री को विस्तृत समर्थन की अपेक्षा नहीं की जा सकती है. हेगल ने भी फौरन अपनी छवि को लेकर मीडिया से बात की और कहा, "इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मैं इस्राएल विरोधी हूं. मैंने ऐसा एक भी वोट नहीं दिया है, जिससे इस्राएल को चोट पहुंचे." हेगल का कहना है कि उनके विरोधियों ने उनकी छवि को तार तार करने की कोशिश की है.

सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद हेगल पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी रक्षा बजट में कटौती की होगी. इसके अलावा अफगानिस्तान से सेना समेटने और ईरान या सीरिया में कुछ अनहोनी को ध्यान में रखते हुए सेना की तैयारी होगी. हेगल खुद भी रक्षा खर्च में कटौती की वकालत कर चुके हैं. अमेरिकी फौज को 2014 तक अफगानिस्तान खाली करना है.

एजेए/एमजे (एएफपी, डीपीए)

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