विद्रोही और आत्मप्रशंसक सेल्समैन डॉनल्ड ट्रंप | दुनिया | DW | 03.11.2016
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दुनिया

विद्रोही और आत्मप्रशंसक सेल्समैन डॉनल्ड ट्रंप

डॉनल्ड ट्रंप पिछले 40 साल से अपनी फक्कड़ छवि बना रहे हैं. राष्ट्रपति चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार के दो जीवनीकारों का कहना है कि उनकी शख्सियत खुद के लिए उनके अपार प्रेम के साथ शुरू और वहीं खत्म होती है.

ट्रंप के जीवनी लेखकों से पूछें कि रिपब्लिकन उम्मीदवार कैसे हैं तो वे आक्रामक, बड़बोला, सिद्धांतविहीन, भौतिकवादी, शेखीबाज, चालाक, अनुशासनहीन और करिश्माई जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. और दो शब्द आत्मप्रशंसक और सेल्समैन भी उभर कर सामने आते हैं. ट्रंप और उनके परिवार पर दो किताबें लिखने वालीं ग्वेंडा ब्लेयर कहती हैं, "वे सेल्समैन हैं, वे अपने को बेच रहे हैं, उन्हें अपने ऊपर भरोसा है." वे बताती है कि कभी कभार जब कोई उन्हें ये बताने जाता है कि उनका आयडिया कामयाब नहीं था तो परेशान हो जाते हैं और गुस्सा करते हैं. "ये खुद से प्यार करने वाले का घाव है."

ट्रंप की जीवनी लिखने वाले लेखक टिमोथी ओब्रायन को पता है कि ब्लेयर क्या कहना चाहती हैं. ट्रंप ने उनपर इस बात के लिए 5 अरब डॉलर के हर्जाने का मुकदमा ठोक दिया था कि उन्होंने कहा था कि ट्रंप की संपत्ति उतनी नहीं है जितना वे दावा करते हैं. ओब्रायन कहते हैं, "वह दरअसल सात साल का बच्चा है जो बूढ़ा हो गया है. वे एक-एक की बातचीत में अच्छे हैं लेकिन अत्यंत अनुशासनहीन व्यक्ति हैं, बौद्धिक, भावनात्मक, वित्तीय और सार्वजनिक रूप से. उनकी सबसे ज्यादा दिलचस्पी खुद स्वयं में ही है." ब्लेयर और ओब्रायन दोनों सहमत हैं कि जिस ट्रंप को हम टेलिविजन पर देखते हैं उससे अलग कोई निजी ट्रंप नहीं है.

कोईहोदोषडालनेकेलिए

डॉनल्ड ट्रंप की आलोचना करना भले ही आसान हो लेकिन उनके जीवनी लेखकों का कहना है कि बहुत से अमेरिकियों द्वारा महसूस किए जा रहे गुस्से को दिशा देने की उनकी क्षमता को कम कर नहीं आंका जाना चाहिए. ओब्रायन कहते हैं, "ट्रंप की उम्मीदवारी 2008 के वित्तीय संकट के असर को दिखाती है." उस संकट ने कामगार वर्ग के बहुत से लेगों को, अमेरिका के पोस्ट इंडस्ट्रियल मजदूरों को असुरक्षित कर दिया. कर्ज चुकाने की उनकी क्षमता, उनकी पेंशन और बच्चों को पढ़ाने की उनकी क्षमता खतरे में पड़ गई. वे कहते हैं, "अमेरिकी सपने का पूरा विचार खतरे में है."

ब्लेयर भी इस बात को मानती हैं कि देश में आक्रोश की भावना है. "अकेला छूट जाने के कारण, विभाजित कांग्रेस पर, ऊपर एक छोटे से गुट पर जो सब कुछ चला रहा है. किसी न किसी का तो दोष है." और ट्रंप दोषी लोगों की लंबी सूची दे रहे हैं, आप्रवासियों से लेकर मेक्सिकन, महिलाओं, मुसलमानों और झूठ बोलने वाले मीडिया तक. ब्लेयर कहती हैं कि लोगों को अपील करने की ट्रंप की क्षमता का दूसरा पहलू उनका खुद में भरोसा है. ट्रंप शराब नहीं पीते. उनका नशा उनकी कामयाबी है. ब्लेयर के विचार में, "उनका मानना है कि पैसा कमाना सबसे ऊंचा लक्ष्य है और हर हाल में जीतना सबसे महत्वपूर्ण बात."

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ट्रंप के भारतीय समर्थक

दक्षिणपंथकीओरझुकाव

ट्रंप में अब तक तीन बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर की थी, लेकिन मामले के गंभीर होते ही पीछे हट गए थे. ओब्रायन कहते हैं कि वे शायद ही कभी लंबी योजना बनाते हैं. उनका मानना है कि रिपब्लिकन उम्मीदवार कारोबारी करियर के मंद करने के बाद राजनीति में कूदे हैं. उनका विकास रियल एस्टेट डेवलपर से टीवी सेलेब्रिटी और फिर ऐसे इंसान के रूप में हुआ है जो अंडरवेयर से लेकर वोदका तक हर चीज के साथ अपना नाम जोड़ता है.

ट्रंप के जीवनी लेखकों को शक है कि उनकी कोई गहरी राजनीतिक प्रतिबद्धता है. इस विचार को इस बात से भी बल मिलता है कि रिपब्लिकन उम्मीदवार ने अतीत में स्वतंत्र और वामपंथी विचारों का भी समर्थन किया है. इस समय उन्होंने कंजरवेटिव पार्टी का सहारा इसलिए लिया है कि उन्होंने वहां संभावना देखी, हालांकि उनका बराक ओबामा से भी वैर दिखता है. ब्लेयर बताती हैं कि 2011 में वे उस अभियान के साथ जुड़े जिसने ओबामा के अमेरिका में नहीं जन्मे होने का मुद्दा उठाया था. "यह वही समय था जब वे अपने कुछ हद तक उदारवादी राजनीतिक रवैये से अलग हटे. तब उन्होंने दक्षिणपंथ की ओर रुख किया."

मनोरंजकलेकिनखतरनाक

बहुत सारी परिस्थितियों में ट्रंप का तय राजनीतिक मत न होना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन उनकी जीवनी लेखकों का मानना है कि यह चरित्र के अभाव को भी दिखाता है. ब्लेयर कहती हैं, "उनकी विचारधारा या किसी प्रकार की नैतिकता की बाधा नहीं है, इसलिए वे कुछ ऐसी चीजों को हासिल कर सकते हैं जो असंभव लगती हैं, लेकिन उसमें नैतिक फैसले और आचार संबंधी कमी है." यदि राष्ट्रपति का चुनाव सर्फ मतदाताओं के असंतोष के आधार पर हो तो ट्रंप को जीतने में कोई दिक्कत नहीं होगी. लेकिन भले ही बहुमत वोटर उनके डेमोक्रैटिक प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन को प्रतिकूल तरीके से देखते हैं, लेकिन ट्रंप को सकारात्मक रूप से अव्यवस्थित माना जाता है.

ओब्रायन कहते हैं कि ट्रंप की असुरक्षा की भावना का एक मानक वे चीजें हैं जिनकी वे शेखी बघेरते हैं. "यदि वे अमीर होने के बारे में सुरक्षित होते तो बार बार यह कहने की जरूरत नहीं होती कि उनके पास कितना धन है और वे इसे बढ़ा चढ़ा कर बताते हैं. यदि वे महिलाओं में अपनी अपील को लेकर सुरक्षित होते तो उन्हें ये कहने की जरूरत नहीं होती कि वे कितनी औरतों के साथ सोए हैं या सोने की कोशिश की है." हालांकि ट्रंप की विचित्रता उन्हें मनोरंजक और दिलचस्प हस्ती बनाती है लेकिन जीवनी लेखकों की राय में दुनिया के बारे में उनकी अज्ञानता उन्हें व्हाइट हाउस के लिए अयोग्य बनाती है. ब्लेयर कहती हैं, "ट्रंप खतरनाक इंसान हैं. इसलिए कि वे जानबूझकर अंजान हैं और अत्यंत हठी हैं."

जेफरसन चेज

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