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जर्मन चुनाव

विज्ञापन विवाद गहराया, पुलिस ने छापे मारे

मोदी और नीतीश को साथ दिखाने वाले विज्ञापन पर उठा विवाद बढ गया है. रविवार सुबह पटना की पुलिस ने विज्ञापन एजेंसी एक्सप्रेशन के दफ़्तर पर छापे मारे हैं. पुलिस ने कुछ पीडीएफ फाइल और विज्ञापन से जुड़े ईमेल जब्त कर लिए.

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पंसद नहीं आई तस्वीर

विज्ञापन से नाराज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ अपना डिनर भी रद्द कर दिया. बीजेपी नेता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के सिलसिले में पटना आए हुए हैं. नीतीश इस विज्ञापन से इतने नाराज हैं कि कानूनी कार्रवाई की भी बात कह रहे हैं.

पटना के अखबारों में छपे इस विज्ञापन में नीतीश और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी एक दूसरे का हाथ पकड़े नजर आ रहे हैं. विज्ञापन में इस बात का भी जिक्र है कि बिहार में आई बाढ़ के समय गुजरात ने कितनी मदद की. नीतीश ने साफ कहा कि आपदा के समय की गई मदद का गुणगान भारतीय संस्कृति औऱ नैतिकता के खिलाफ है.

दरअसल बिहार में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. नीतीश को डर है कि नरेंद्र मोदी के साथ उन्हें दिखाने वाले विज्ञापन राज्य की अल्पसंख्यक जनता को उनसे दूर कर देंगे. हालांकि नीतीश ने ये साफ किया है कि इस विज्ञापन का असर राज्य में बीजेपी के साथ उनकी पार्टी के गठबंधन पर नहीं पड़ेगा.

उधर गुजरात सरकार एक और विज्ञापन की वजह से विवादों में पड़ गई है. गुजरात सरकार के इस विज्ञापन में गुजरात के मुस्लिम महिलाओं की बेहतर स्थिती की बात की गई है.इसमें मुस्लिम लड़कियों को कंप्यूटर पर काम करते दिखाया गया है.

ये फोटो आजमगढ़ के शिबली कॉलेज का है जिसे एक अमेरिकी वेबसाइट से लिया गया है. विवाद बढ़ा तो गुजरात सरकार ने यह कहकर पल्ला झाड़ा कि फोटो सांकेतिक है और इसे विज्ञापन एजेंसी ने इस्तेमाल किया है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एन रंजन

संपादन: एस गौड़

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