1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

विज्ञान

विज्ञान ने बनाया पेटभरुआ खाना

खाइए थोड़ा लेकिन लगे कि बहुत खा लिया - इतना कि पेट भर गया हो. ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने ऐसा खाना तैयार किया है, जिससे मोटापे की समस्या का इलाज हो सकता है.

लंदन के इम्पीरियल कॉलेज और यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के रिसर्चरों ने जो खाना तैयार किया है, उसमें प्रोपियोनेट की मात्रा डाली गई है. इस तत्व से वैसे हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं, जो दिमाग को संदेश देते हैं कि भूख खत्म हो गई है.

प्रोपियोनेट एक प्राकृतिक तत्व है. जब खाने के रेशे अंतड़ियों में जाते हैं, तो आंतों के माइक्रोब्स इनका किण्वन कर देते हैं. अब नए तत्व इन्यूलिन-प्रोपियोनेट एस्टर (आईपीई) की मदद से सामान्य खाने के मुकाबले कहीं ज्यादा मात्रा में प्रोपियोनेट तैयार होता है.

रिसर्च की अगुवाई करने वाले इम्पीरियल कॉलेज के मेडीसिन विभाग के गैरी फ्रॉस्ट का कहना है, "प्रोपियोनेट जैसे कण आंतों के उन हार्मोनों को ज्यादा सक्रिय कर देते हैं, जो खाने पर नियंत्रण रखते हैं. लेकिन अच्छा नतीजा पाने के लिए आपको ज्यादा रेशे वाले खाने पर ध्यान देना होगा."

Halal Essen

कितना खाएं खाना?

गट नाम के जर्नल में प्रकाशित स्टडी में बताया गया है कि फ्रॉस्ट की टीम ने 20 स्वयंसेवियों को आईपीई या इन्यूलिन दिया और फिर उनसे कहा गया कि बफेट में जितना खा सकते हैं, खाईए. टीम ने पाया कि जिन्हें आईपीई दिया गया था, उन्होंने दूसरों के मुकाबले 14 फीसदी कम खाना खाया.

दूसरे चरण में ज्यादा वजन वाले 60 स्वयंसेवियों को 24 हफ्तों की रिसर्च में शामिल किया गया. इनमें से आधों को आईपीई पावडर दिया गया, जिसे उन्हें अपने खाने में मिलाना था. बाकी को इन्यूलिन दिया गया. कुल 25 लोगों को आईपीई दिया गया, जिनमें से सिर्फ एक का वजन तीन प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा. जबकि इन्यूलिन वाले ग्रुप में छह लोगों का वजन बढ़ा. 24 हफ्तों के बाद आईपीई ग्रुप के सदस्यों के पेट और गुर्दे में दूसरे ग्रुप की तुलना में कम वसा पाई गई.

फ्रॉस्ट का कहना है कि हालांकि यह रिसर्च बहुत कम समय में और बहुत सीमित लोगों पर किया गया है लेकिन इससे अच्छे नतीजे निकले हैं. अब उनकी टीम आईपीई को बाजार में लाने की कोशिश कर रही है. उनका कहना है, "हम विचार कर रहे हैं कि किस तरह के खाने मददगार साबित हो सकते हैं. लगता है कि ब्रेड और स्मूदी से फायदा हो सकता है."

एजेए/ओएसजे (रॉयटर्स)

DW.COM

संबंधित सामग्री