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दुनिया

विकीलीक्स से फंसी कांग्रेस बीच के रास्ते पर

रविवार से कांग्रेस का अधिवेशन शुरू हो रहा है. उससे ठीक पहले विकीलीक्स में राहुल गांधी की टिप्पणी के खुलासे ने उसके लिए शर्मिंदगी की स्थिति पैदा कर दी है. अब पार्टी आतंकवाद पर बीच के रास्ते पर चलने के बारे में सोच रही है.

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कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि पार्टी अपने राजनीतिक प्रस्ताव में इस बात पर जोर देगी कि आतंकवाद का कोई रंग या धर्म नहीं होता. अधिवेशन में राजनीतिक, आर्थिक, अंतरराष्ट्रीय मामलों और पार्टी के 125 साल पूरे होने पर प्रस्ताव पारित होने हैं. प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाली ड्राफ्ट कमेटी ने इनके ड्राफ्ट तैयार कर लिए हैं. शनिवार को इन्हें सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली सब्जेक्ट्स कमेटी के सामने रखा जाएगा.

Sonia Gandhi Präsidentin der Kongress-Partei Indiens

वैसे आतंकवाद पर पार्टी का रुख क्या होगा, इसके संकेत राहुल गांधी की सफाई में भी दिखाई दे रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा, "आतंकवाद और हर तरह की सांप्रदायिकता भारत के लिए खतरा है. हमें आतंकवाद के हर रूप के खिलाफ सावधान रहना होगा, चाहे उसके पीछे कोई भी हो."

विकीलीक्स के एक संदेश के मुताबिक राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत टिमोथी रोएमर से कहा था कि भारत को इस्लामिक आतंकवाद से ज्यादा खतरा हिंदू कट्टरवादियों से है. उनकी इस टिप्पणी पर बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है. इसलिए कांग्रेस को सफाई पेश करनी पड़ी है. शुक्रवार को पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने राहुल गांधी के हवाले से एक प्रेस रिलीज जारी की.

राहुल गांधी की टिप्पणी पर कांग्रेस किस कदर फंसी, इसका पता उसके प्रवक्ता की बातों भी चल रहा था. उन्हें समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या बोला जाए. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "हम तथ्यों को जानने के बाद ही इस पर टिप्पणी करेंगे. इस तरह उत्साहित होकर प्रतिक्रिया देने का कोई मतलब नहीं है. पहले इस मामले की पुष्टि होनी चाहिए."

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः एस गौड़

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