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विज्ञान

विंडोज मुफ्त में दिलाएगा माइक्रोसॉफ्ट

माइक्रोसॉफ्ट विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम को मुफ्त में देने की तैयारी कर रही है. इस रणनीति के साथ माइक्रोसॉफ्ट स्मार्टफोन और टैबलेट में इस्तेाल किए जाने वाले गूगल एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम को टक्कर देना चाहता है.

एशिया के तेजी से बढ़ते स्मार्टफोन और टैब्लेट बाजार में माइक्रोसॉफ्ट थोड़ा पीछे रह गया है. लेकिन इस समस्या को सुलझाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम यानी ओएस को मुफ्त में देना चाहता है. एंड्रॉयड ओएस भी मुफ्त में आता है और सैमसंग से लेकर सारे बड़े छोटे स्मार्टफोन और टैबलेट निर्माता इसका इस्तेमाल अपने टचस्क्रीन उपकरणों में करते हैं.

सैन फ्रांसिस्को के अपने सालाना सम्मेलन में कंपनी ने एलान किया कि वह विंडोज भी मुफ्त में उपलब्ध कराएगा. रणनीति के मुताबिक फोन कंपनियां इसे इंस्टॉल करेंगी लेकिन स्काइप और माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के लिए यूजर को पैसे देने होंगे. माइक्रोसॉफ्ट के यह दो ऐप्लिकेशन बाजार में काफी सफल हैं.

अब तक माइक्रोसॉफ्ट हर उपकरण में विंडोज लगवाने के पांच से लेकर 15 डॉलर लेता था और लैपटॉप कंपनियां इस खर्चे को अपने हार्डवेयर बनाने के साथ जोड़तीं और खरीदार को यह ओएस लैपटॉप या कंप्यूटर के साथ मिलता था. लेकिन मुफ्त में आ रहे एंड्रॉयड ने इस चलन को खत्म कर दिया है. दुनिया भर में 75 प्रतिशत ग्राहकों ने एंड्रॉयड और बाकी के अधिकतर ग्राहकों ने एप्पल के फोन और टैबलेट खरीदे. इसके मुकाबले पिछले साल विंडोज फोन की स्मार्टफोन बाजार में तीन प्रतिशत हिस्सेदारी रही. बाजार का दो प्रतिशत माइक्रोसॉफ्ट टैबलेट का रहा.

नए बाजारों के लिए नई रणनीति

माइक्रोसॉफ्ट के स्थापक बिल गेट्स का मानना था कि सॉफ्टवेयर को बेचा जाना चाहिए. इस सिद्धांत की वजह से कंपनी को पिछले दशकों में बेजोड़ मुनाफा हुआ लेकिन अब वह एंड्रॉयड को कड़ी टक्कर देना चाहता है. बाजार विश्लेषक डैनियल ईव्स कहते हैं कि माइक्रोसॉफ्ट के स्मार्टफोन और टैबलेट को बाजार में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और इस चुनौती का सामना करने के लिए यह रणनीति काफी अच्छी है.

पिछले हफ्ते माइक्रोसॉफ्ट के नए प्रमुख सत्या नाडेला ने वर्ड, पावरप्वाइंट और एक्सेल के नए वर्जन जारी किए. विंडोज का इस्तेमाल करने वाले क्लाउड सर्विस ऑफिस 365 का मुफ्त में इस्तेमाल कर सकेंगे. माइक्रोसॉफ्ट की नई रणनीति से यह भी पता चलता है कि वह अब अपने ओएस पर सबकुछ केंद्रित नहीं करना चाहता. पिछले दशक तक कंप्यूटर खरीदने वाले कई एप्लिकेशन माइक्रोसॉफ्ट ओएस पर ही चला पाते थे लेकिन अब यह बदल सकता है.

लेकिन क्या माइक्रोसॉफ्ट को अपने सिद्धांत भी बदलने होंगे. कंपनी ने वादा किया था कि वह भविष्य में हर मेज पर एक कंप्यूटर लाना चाहता है लेकिन नाडेला का नया नारा है, "मोबाइल फर्स्ट, क्लाउड फर्स्ट" यानी कंपनी अब यूजर के लिए काम करेगी और आईटी की बदलती दुनिया की मूलभूत संरचना को बढ़ावा देने के लिए काम करेगी.

एमजी/एएम (रॉयटर्स, एपी)

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