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खेल

वर्ल्ड कप हीरोज ने बायर्न को जितवाया

जर्मन लीग चैंपियन बायर्न म्यूनिख ने वर्ल्ड कप के नामी सितारों थॉमस म्युलर और मीरोस्लाव क्लोजे के गोलों के सहारे धुर प्रतिद्वंद्वी शाल्के को 2-0 से हराकर सुपर कप जीत लिया है.

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गोल के लिए जूझते म्युलर

दक्षिण अफ्रीका में हुए वर्ल्ड कप के बाद जर्मन खिलाड़ियों के लिए यह पहला बड़ा मैच था और वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले थॉमस म्युलर ने अपनी उड़ान जारी रखी और साथी क्लोजे के साथ टीम को जीत दिलवाई. आउग्सबुर्ग में हुए मैच में 20 वर्षीय म्युलर ने 75वें मिनट में पहला गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई. गोल की तैयारी क्लोजे ने की थी, जिंहोंने कुछ ही देर बाद 81वें मिनट में दूसरा गोल कर बायर्न की जीत पक्की कर दी. इससे पहले बायर्न 1987 और 1990 में सुपरकप जीत चुका है.

Fussball Supercup Schalke FC Bayern München

मैच शुरू होने से पहले ही दर्शकों का सारा ध्यान जर्मनी की राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों पर था, जो दोनों टीमों की ओर से खेल रहे थे. वर्ल्डकप के दौरान तीसरे स्थान के लिए हुए खेल में उरुग्वे को हराने के 28 दिन बाद मुकाबला फिर से टाइटल के लिए था. जब टीम के खिलाड़ियों को स्टेडियम में दर्शकों के सामने पेश किया जा रहा था तो कप्तान फिलिप लाम, थॉमस म्युलर, मीरो क्लोजे, बास्टियान श्वाइनश्टाइगर, मानुएल नौएयर और दूसरे सितारों का नाम आने पर उनका तालियां बजाकर जोरदार स्वागत किया गया. 14 साल बाद फिर से आयोजित सुपर कप के फाइनल को देखने 30 हज़ार दर्शक आए थे.

मैच के बाद बायर्न के कोट लुइस फान खाल ने कहा, ''मुझे लगता है कि टीम पिछले साल के मुकाबले आगे है. खिलाड़ियों ने समझ लिया है कि हम क्या चाहते हैं, हर कोई जानता है कि उसे क्या करना है. यह नए खिलाड़ियों को खरीदने और उसके कारण शांति पैदा करने से बेहतर है.''

शाल्के के कोच फेलिक्स मगाथ ने टिप्पणी की, ''मैं पहले हाफ से बहुत निराश हुआ. दूसरे हाफ में हम बेहतर थे, अफसोस कि हमने 1-0 से पहले ऐसी भूल की. दूसरे हाफ में सब कुछ इतना खुला था कि हम जीत सकते थे, लेकिन पहले की वजह से बायर्न ने उचित ही जीत हासिल की.''

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: ओ सिंह

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