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खेल

वर्ल्ड कप फ़ुटबॉल: सितारों का जमावड़ा

वर्ल्ड कप फ़ुटबॉल यानी फ़ुटबॉल का महाकुंभ. 2010 वर्ल्ड कप की मेज़बानी दक्षिण अफ़्रीका कर रहा है और अब बस कुछ ही महीने बचे हैं. एक नज़र उन चार बड़े नामों पर जो वर्ल्ड कप में अपना जादू बिखेरेंगे.

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मैसी और रोनाल्डो

लियोनेल मैसी

सबसे पहले बात अर्जेंटीना के स्टार फ़ुटबॉलर लियोनेल मैसी की...मैसी को उनकी पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में गिना जाता है. उनके खेलने के स्टाइल और क्षमता के चलते उनकी तुलना मैराडोना से की जाने लगी है जिन्हें बहुत से लोग फ़ुटबॉल का भगवान भी मानते हैं.

मैसी स्पेन के बार्सिलोना क्लब से भी खेलते हैं और 22 साल की छोटी उम्र में ही बेहतरीन खिलाडी के कई अवॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. पांच साल की उम्र में ही मैसी ने लोकल क्लब के लिए फ़ुटबॉल खेलना शुरू किया. पहले यूथ टीम में खेले और फिर बार्सिलोना ने उन्हें साइन किया. मैसी काफ़ी छोटे कद के हैं और उन्हें बचपन में ग्रोथ हारमोन में कमी की बीमारी थी.

Spanien Fußball Sporter des Jahres 2009 Lionel Messi

मैसी

छोटे कद के बावजूद मैसी ने फ़ुटबॉल की दुनिया में बड़ा नाम किया और दिखा दिया कि मैराडोना के साथ नकी तुलना ऐसी ही नहीं की जाती. तीन साल पहले उन्होंने एक मैच में छह खिलाड़ियों को छकाते हुए 60 मीटर की दूरी भागते हुए अकेले गोल किया और कई खिलाडियों ने इसे फ़ुटबॉल के सर्वश्रेष्ठ गोलों में शुमार किया. मैसी को कई अख़बार अब मैसीडोना का नाम भी देते हैं. 2009 के लिए उन्हें फ़ीफ़ा वर्ल्ड प्लेयर ऑफ़ द ईयर और वर्ल्ड सॉकर प्लेयर ऑफ़ द ईयर चुना गया था.

वेन रूनी

इंग्लैंड के वेन रूनी भी फ़ुटबॉल की दुनिया का बड़ा नाम हैं..मैनचेस्टर यूनाइटेड की ओर से खेलने वाले रूनी अपनी तेज़ी, चपलता, ताक़त और गोल करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं. रूनी ने 10 साल की उम्र में एवर्टन क्लब की यूथ टीम की ओर से खेलना शुरू किया और वह सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए. उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी लेकिन शायद इन्हीं मुश्किलों ने रूनी को फ़ुटबॉल के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित किया.

Manchester United Wayne Rooney Flash-Galerie

वेन रूनी

कभी एक हफ़्ते में 80 पाउंड कमाने वाले रूनी जब एवर्टन से मैनचेस्टर यूनाइटेड गए तो उन्हें 2 करोड़ पचास लाख पाउंड में साइन किया गया. 20 साल से कम उम्र के किसी खिलाड़ी को उस समय तक इतनी बड़ी रक़म में साइन नहीं किया गया था. रूनी पर आरोप लगे कि उनके संबंध कई वेश्याओं से रहे हैं और रूनी ने बाद में अपनी ग़लती भी मानी. शादी रूनी ने लंबे समय से प्रेमिका रही कोलीन से की और अब उनका एक बेटा भी है.

क्रिस्टियानो रोनाल्डो

पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो दुनिया में सबसे ज़्यादा कमाई करने वाले फ़ुटबॉलर हैं. रूनी के अच्छे दोस्त कहे जाने वाले रोनाल्डो ने जब मैनचेस्टर यूनाइटेड से रियाल मैड्रिड आने का फ़ैसला किया तो इसका सौदा 8 करोड़ पाउंड में हुआ. फ़ुटब़ॉल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी. मैनचेस्टर यूनाइटेड को छोड़ कर रोनाल्डो जब रियाल मैड्रिड आए और 9 नंबर की जर्सी पहन कर मैदान में उतरे तो 80 हज़ार प्रशंसकों ने उनका तहे दिल से स्वागत किया था.

Fußball Cristiano Ronaldo Genf Flash-Galerie

रोनाल्डो

बिजली की तेज़ी से खेलने वाले रोनाल्डो पुर्तगाल की टीम के कप्तान भी हैं. माना जाता है कि रोनाल्डो शराब और सिगरेट दोनों से दूर रहते हैं लेकिन लड़कियां उनकी दीवानी हैं और अब तक कई लड़कियों से उनके संबंध रह चुके हैं. सिर्फ़ 25 साल में ही फ़ुटबॉल में सफलता और कमाई के नए रिकॉर्ड बना चुके रोनाल्डो 2010 वर्ल्ड कप में क्या कमाल दिखाते हैं यह देखने में कुछ ही दिन बचे हैं. नाइकी कंपनी ने स्पेन के मैड्रिड शहर के बीचों बीच रोनाल्डो की 10 मीटर ऊंची एक मूर्ति खड़ी की है जिसका इस्तेमाल एडवरटाइज़िंग में किया जाता है.

Michael Ballack

मिशाएल बलाक

मिशाएल बला

जर्मनी के कप्तान मिशाएल बलाक इंग्लैंड के चेल्सी क्लब की ओर से भी खेलते हैं. फ़ुटबॉल के महान खिलाड़ी पेले ने उन्हें 100 महानतम फ़ुटबॉल खिलाड़ियों में शुमार किया है. जर्मन फ़ुटबॉलर ऑफ़ द ईयर का अवॉर्ड वह तीन बार जीत चुके हैं. 1999 में जर्मन फ़ुटबॉल लीग बुंडेसलीगा में उन्होंने बायर लिवरकुज़ेन ने 40 लाख यूरो में ख़रीदा था फिर उन्होंने रुख़ किया बायर्न म्यूनिख का जब उन्हें 1 करोड़ 20 लाख यूरो में साइन किया गया..जून 2005 से ऐसा शायद ही कभी हुआ हो जब बलाक ने गोल किया हो और उसके बावजूद टीम मैच हार गई हो.

34 साल के बलाक ने कहा है कि वह बड़ा अंतरराष्ट्रीय ख़िताब जीतना चाहते हैं. वर्ल्ड कप फ़ाइनल में पहुंचना उनका लक्ष्य है. जर्मनी 2008 के यूरो कप के फ़ाइनल में पहुंचा था, 2006 के वर्ल्ड कप में भी फ़ाइनल से कुछ ही दूर रहा, 2002 में फ़ाइनल में हारा था. ऐसे में बलाक शायद इस बार अपने आख़िरी वर्ल्ड कप को यादगार बनाना चाहते हैं. वैसे बलाक मानते हैं कि ब्राज़ील, स्पेन से मिलने वाली चुनौती बड़ी है लेकिन उनके मुताबिक़ जर्मनी को डरने की ज़रूरत नहीं.

रिपोर्ट: सचिन गौड़

संपादन: ए कुमार

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