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खेल

वर्ल्ड कप की तैयारी परखने की जंग

2014 वर्ल्ड कप के लिए अब तक सिर्फ दो टीमों का नाम तय है. मेजबान ब्राजील और दूसरा जापान. शनिवार को ब्राजील में कंफेडरेशन कप की जंग इन्हीं दोनों के मुकाबले से शुरू हो रही है. जाहिर है जलसा बड़ा रहेगा.

ब्राजील आठ देशों के कंफेडरेशन कप की इस जंग में विजेता बनने के लक्ष्य के साथ उतर रहा है ताकि 2014 के लिए अपनी तैयारियों का जायजा ले सके. कंफेडरेशन कप के छह में से तीन पर उन्हीं का कब्जा रहा है और वर्ल्ड कप का फाइनल रिकॉर्ड पांच बार खेलना भी दुनिया में बस उन्हीं के हिस्से आया है. जाहिर है कि फुटबॉल के महारथी देश का लक्ष्य बहुत हैरान करने वाला नहीं. कोच लुईस फेलिपे स्कोलारी ब्राजील के दीवानों को भरोसा दिलाना टीम ट्रॉफियों के शेल्फ में ताजगी भरने के लिए तैयार है.

ब्राजील ने आखिरी बार 2002 में वर्ल्ड कप जीता था और बीच में दो बार तो वर्ल्ड कप में ऐसा भी हुआ कि वो सेमीफाइनल तक भी नहीं पहुंच सके. हां कंफेडरेशन कप ने उन्हें थोड़ी राहत जरूर दी है. पिछले दोनों कप ब्राजील के पास ही हैं. बार्सिलोना के युवा स्ट्राइकर 21 साल के नेमर को ब्राजील ने अपने बेड़े में शामिल कर टीम की कमान सौंपी है. अब तक यह टीम अपने करिश्माई खिलाड़ियों पर ही भरोसा करती रही है. नेमर ने गुरुवार को साफ कर दिया कि उन्हें फाइनल में स्पेन के साथ भिड़ने की उम्मीद है. उम्मीद की जा रही है कि उनके नए टीम साथी सावी हेर्नानंदेज और आंद्रेयास इनिएस्ता उनके साथ मिल कर कुछ ऐसा अच्छा करेंगे जिसका वादा नेवर ने ब्राजील से किया है. नेवर ने कहा, "वो शानदार खिलाड़ी हैं और सबसे ज्यादा पसंदीदा भी. अगर संभव हुआ तो मैं स्पेन के साथ फाइनल खेलना चाहूंगा. बड़ा मजा आएगा, यह सपना है."

इससे पहले हालांकि ब्राजील के पास फिक्र करने को और भी बहुत कुछ है. ग्रुप ए में उनका मुकाबला कम से कम जापान, मेक्सिको और इटली से होना है. कप की जंग जापान के साथ शुरू हो रही है जो एशियाई कप का विजेता है. इतालवी कोच अल्बर्तो जैखरोनी के नेतृत्व में टीम को और आगे जाने की उम्मीद है. 2001 में घरेलू मैदान पर कंफेडरेशन कप (कंफेडरेशन कप में रोबोट) का फाइनल हारने वाली जापान की टीम समय के साथ मजबूत और महत्वाकांक्षी हो कर उभरी है.टीम के खिलाड़ियों ने देश से बाहर कदम रखे हैं और कई शीर्ष टीमों में अहम भूमिकाएं निभा रहे हैं. मैनचेस्टर यूनाइटेड के शिंजी कागावा और यूतो नागातोमो जैसे उदाहरण और भी कई हैं.

ब्राजील दुनिया में जापानी प्रवासियों का सबसे बड़ा ठिकाना है ऐसे में जापान की टीम को यहां के दर्शक घर जैसा अनुभव कराएंगे. ब्राजील और जापान के बीच एक और चीज समान है वो ये कि बीते दिनों में इन दोनों ने बहुत कम खेला है. मेजबान होने के कारण ब्राजील को वर्ल्डकप में जाने के लिए कुछ नहीं करना पड़ा और बीते सालों में वो केवल दोस्ताना मैच खेल रहे हैं. उधर जापान ने एशिया कप जीत कर बहुत जल्दी वर्ल्ड कप का टिकट हासिल कर लिया. उसके ग्रुप में से ऑस्ट्रेलिया, ओमान, जॉर्डन और इराक जैसे देशों को अभी इंतजार ही करना है. (वर्ल्ड कप आयोजन की मुश्किलें)

दोनों टीमों के लिए कंफेडरेशन कप स्पेन और इटली जैसी दुनिया की कुछ बेहद ताकवर टीमों के मुकाबले खुद को परखने का मौका होगा. शिंजी कागावा ने कहा, "हमारे सामने शानदार टीमें हैं तो ऐसे में हमारे लिए यह जानने का अच्छा मौका है कि घर से दूर हम कैसा प्रदर्शन करेंगे जबकि वर्ल्ड कप में अभी एक साल बचा है. हमें इस तरह की तैयारी की जरूरत है, और मैं देखना चाहता हूं कि हम मौसम से कैसे निबटते हैं और कितनी दूर तक जाते हैं."

एनआर/एमजे (डीपीए)

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