वजाइना-आर्टिस्ट मेगुमी अश्लीलता फैलाने की दोषी | दुनिया | DW | 09.05.2016
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दुनिया

वजाइना-आर्टिस्ट मेगुमी अश्लीलता फैलाने की दोषी

खुद को बिगड़ैल बच्चा कहने वालीं मशहूर कलाकार मेगुमी इगाराशी वजाइना के आकार वाली कलाकृतियां बनाती हैं. एक जापानी कोर्ट ने इन कलाकृतियों को फैलाने के लिए उन्हें सजा सुनाई है.

Symbolbild Japan Kinderpornografie Manga-Comics

जापान के मांगा कॉमिक्स में बाल पोर्नोग्राफी का चित्रण.

अपनी वजाइना के आकार जैसी कलाकृतियां बनाने वालीं जापान की एक कलाकार को अश्लीलता के केस में दोषी पाया गया है. इस फैसले के बाद कला की आजादी और सेंसरशिप को लेकर बहस गरमा रही है.
टोक्यो की एक डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने मेगुमी इगाराशी पर चार लाख येन यानी करीब ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. हालांकि बाद में वकीलों की दलीलों के बाद जुर्माना आधा कर दिया गया.
इगाराशी को दो साल पहले गिरफ्तार किया गया था. वह अपनी एक कलाकृति के लिए ऑनलाइन फंड जुटाने की कोशिश कर रही थीं. इसके लिए उन्होंने अपनी वजाइना की थ्रीडी तस्वीरों का एक कोड जारी कर दिया था. इस कोड के जरिए लोग उन तस्वीरों की कॉपी बना सकते थे. इसे अश्लीलता माना गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.


वैसे जापान में पॉर्न इंडस्ट्री बहुत बड़ी है. इसके जरिए हर साल अरबों डॉलर का व्यवसाय होता है. लेकिन जननांगों के असली रूपांतरण पर प्रतिबंध है. इसी आधार पर 2014 में मेगुमी पर मुकदमा चलाया गया.
मेगुमी खुद को रोकुदे नाशिको कहती हैं जिसे हम अपनी जबान में समझें तो पथभ्रष्ट बच्चा कह सकते हैं. जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो उनके समर्थन में हजारों लोगों ने अपील की जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था. लेकिन कुछ महीने बाद टोक्यो पुलिस ने दोबारा उन्हें गिरफ्तार कर लिया. तब उन्होंने वजाइना के आकार के प्लास्टर फिगर बनाए थे और उनकी थ्रीडी इमेज के कोड सीडी में डालकर लोगों को भेजे थे. अश्लील चीजें बांटने के आरोप में उन पर फिर से केस कर दिया गया. सोमवार को कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया.


मेगुमी और उनके समर्थकों ने इस बात का जमकर मजाक उड़ाया कि उनकी वजाइना एक कोर्ट केस का विषय है. पिछले साल उन्होंने कोर्ट से कहा था, ''मैं निर्दोष हूं क्योंकि वजाइना के आकार की मेरी कलाकृतियां या जननांगों का डाटा अश्लील नहीं है.''
वैसे सरकारी वकीलों ने मेगुमी के लिए जेल की मांग नहीं की थी. उन्होंने 80 हजार येन यानी करीब पांच लाख रुपये के जुर्माने की मांग की थी. जापान में पॉर्नोग्राफी के नाम पर काफी कुछ दिखाया जाता है लेकिन जननांग नहीं दिखाए जा सकते क्योंकि अश्लीलता के खिलाफ कानून बेहद कड़े हैं. इसलिए पॉर्न फिल्मों में भी जननांगों को ब्लैकआउट कर दिया जाता है या फिर धुंधला करके दिखाया जाता है.

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