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फीडबैक

लड़कियों की तस्करी बढ़ेगी

देह व्यापार को कानूनी दर्जा दिए जाने पर भारत में बहस छिड़ी है. कुछ लोग इसका समर्थन करते हैं तो कुछ विऱोध. आइए जाने हमारे कुछ पाठकों का क्या कहना है.

काफी सोच विचार के बाद पाया कि अधिकतर शहरों में देह व्यापार होता है लेकिन उसमें केवल दलालों एवं पुलिस की कमाई होती है. महिलाएं तो रोगों के बीच जिंदगी ढोती रहती हैं. ऐसे में यदि इसे कानूनी मान्यता मिल जाती है तो पहला काम सेक्स वर्करों की सेहत सुधरेगी. दूसरी बात दलाल और पुलिस सेक्स वर्करों की कमाई पर डाका नहीं डाल पाएंगे. अनिल द्विवेदी

देह व्यापार को कानूनी मान्यता मिलने से महिलाओं का भला हो सकता है. रेप के केसों में भी कमी आ सकती है. यूनुस खान

अपने देश के कानून में संशोधन की जरूरत तो है. देह व्यापार का एक स्थापित नेटवर्क पूरे भारत में काम करता है. अगर हम इसे रोक नहीं सकते तो इसे कानूनी दर्जा देकर पुलिस एवं दलालो के चंगुल से तो इन सेक्स वर्कर्स को निकाल ही सकते है. और हां इस सामाजिक बुराई में इन सेक्स वर्कर्स से ज्यादा दोषी हम सभ्य कहे जाने वाले दोषी हैं. प्रदीप सिन्हा

इस पर विचार विमर्श होना चाहिए. इसके बारे में जब तक पूरी राय न मिले तो कानून नहीं बनाना चाहिए क्योंकि समाज में कई चीजें है जिन्हें हम मान्यता नहीं देते लेकिन चल रही हैं. मनोज कोटनाला

नहीं, कभी नहीं, इससे लड़कियों की तस्करी बढ़ जाएगी और उनको किडनैप करके उन्हें देह व्यापार में झोंक दिया जायेगा क्योंकि लोग अपनी इच्छा से तो घर की लड़कियों को इस काम की इजाजत देंगे नहीं. कविता श्रीवास्तव

बिलकुल नहीं, हमारा संविधान सभी लोगों को सम्मान पूर्वक आजीविका कमाने का हक देता है. आज बहुत सारे रोजगार हैं, अगर इसे कानूनी मान्यता मिली तो कानून की आड़ में देश को बर्बाद करने का कारोबार चलेगा. अनिल कुमार अम्बेडकर

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