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दुनिया

लोगों का डाटा चुराने पर गूगल ने मांगी माफी

गूगल ने स्ट्रीट व्यू कार के जरिए जमा हुईं लोगों के ईमेल और दूसरी जानकारियों के लिए दुनिया से माफी मांगी है. गूगल ने कहा, नीतियों में बदलाव कर रोकी जाएंगी ऐसी घटनाएं. कई देशों ने शुरू की गूगल के खिलाफ जांच की कार्रवाई.

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गूगल की कार

गूगल ने कहा है कि वह स्ट्रीट व्यू कार के जरिए जमा की गई जानकारियों के लिए लोगों से माफी मांगती है. गूगल की स्ट्रीट व्यू कार ने वायरलेस डाटा कलेक्शन सिस्टम के जरिए रास्तों से गुजरते वक्त लोगों के ईमेल, नाम, पते, टेलिफोन नंबर और दूसरी जानकारियां चुरा लीं. अब गूगल ने कहा है कि वह इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए नीतियों में बदलाव करेगी.

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गूगल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एलन यूस्टेस ने कहा, "गूगल लोगों का भरोसा जीतने के लिए कड़ी मेहनत करती है और हम मानते हैं कि इस बार इस मामले में हम बुरी तरह से नाकाम हुए हैं. पिछले कुछ महीने हमने इसी कोशिश में बिताए हैं कि कैसे नीतियों में बदलाव किया जाए और लोगों की निजी जानकारियों की सुरक्षा बढ़ाई जाए."

एलन ने यह भी कहा कि स्ट्रीट व्यू के जरिए जमा हुई ज्यादातर जानकारियां टूटी फूटी और बिखरी हुई हैं लेकिन कई मामलों में पूरा का पूरा यूआरएल तक कॉपी हो गया है. एलन ने कहा, "सबसे पहले हम जितना जल्दी हो सके इन सभी जानकारियों को खत्म करना चाहते हैं और उन सब लोगों से माफी मांगते हैं जिनकी जानकारियां हमारे पास जमा हो गईं."

कंपनी ने कहा है कि वह अपनी सुरक्षा नीति में बदलाव कर लोगों की जानकारियों की सुरक्षा और ज्यादा बढ़ाने जा रही है. इस पूरी कवायद का मकसद इस तरह की घटनाओं को दोबारा होने से रोकना भी है.

गूगल जल्दी ही एक नई सर्विस शुरू करने वाली है, स्ट्रीट व्यू. इस सर्विस में गूगल अर्थ के जरिए लोगो के मकान भी देखे जा सकेंगे. इसी के लिए डाटा जुटाने निकली गूगल की स्ट्रीट व्यू कार ने लोगों के कंप्यूटर से जानकारियां चुराईं. गूगल जब तक अपनी कार को रोकता वह दुनिया के कई देशों में अपना सफर पूरा कर चुकी थी. इनमें ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, ब्राजील, ब्रिटेन, कनाडा, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हॉन्ग कॉन्ग, हंगरी, इटली, जापान, मकाउ, मेक्सिको, नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, आयरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, रोमानिया, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, ताइवान, अमेरिका और कुछ दूसरे देश शामिल हैं. इस बीच कुछ देशों ने गूगल के खिलाफ जांच की कार्रवाई शुरू करने की बात कही है.

गूगल ने इस साल मई में कहा था कि उसने जर्मन शहर हैम्बर्ग में गलती से कुछ ऐसी जानकारियां जमा कर ली हैं जो नहीं होनी चाहिए. यह बयान भी तब आया जब जर्मनी ने जमा की गई जानकारियों की जांच करने की मांग की. शुक्रवार को पहली बार गूगल ने लोगों को बताया कि उसने कितनी और किस तरह की जानकारियां जमा की हैं. गूगल का कहना है कि उसने निजी जानकारियों की सुरक्षा के लिए एक निदेशक भी नियुक्त किया है और जल्दी ही वह कुछ और लोगों की भर्तियां करने जा रही है.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः वी कुमार

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