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दुनिया

लैंगिक भेदभाव वाली टिप्पणी पर गूगल ने इंजीनियर को हटाया

तकनीक के क्षेत्र में महिला नेतृत्व की कमी के लिए जैविक कारणों को जिम्मेदार ठहराने वाले इंजीनियर को गूगल ने कंपनी से बाहर निकाल दिया है. इंजीनियर ने कहा था कि जैविक अंतरों से महिला और पुरुष की क्षमताओं में फर्क होता है.

गूगल ने कैलिफोर्निया के सिलिकन वैली के ऑफिस से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को कंपनी से बाहर निकाल दिया है. इंजीनियर ने पिछले सप्ताह टेक इंडस्ट्री में लैंगिक असमानताओं पर एक गोपनीय नोट में यह राय दी थी कि शीर्ष तकनीकी पदों पर महिलाओं की तैनाती नहीं होने का कारण जैविक अंतर है. इंजीनियर ने अपने नोट में लिखा था कि जैविक अंतर होने की वजह से महिलाओं और पुरुषों की क्षमताओं में अंतर होता है.

उन्होंने यह भी लिखा था कि आम तौर पर महिलाएं समाज कल्याण या कला के क्षेत्रों में नौकरियां पसंद करती हैं जबकि पुरुषों को कोडिंग अधिक पसंद है. पुरुषों की स्वाभाविक रुचि के चलते ही वे कोडिंग में अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं और इसीलिए टेक इंडस्ट्री में महिला प्रतिनिधियों की संख्या कम देखने को मिलती है.

गूगल के चीफ एग्जीक्यूटिव सुंदर पिचई ने अपने कर्मचारियों से एक नोट में कहा कि जेम्स डामूरे का विविधता विरोधी नोट आचार संहिता का उल्लंघन करता है और कार्यस्थल पर लैंगिग भेदभाव को बढ़ाता है.

इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए गूगल की नई विविधता प्रमुख डैनियल ब्राउन ने कहा, "इस मुद्दे पर इस नई बहस ने मुझे कुछ कहने के लिए मजबूर किया." उन्होंने कहा, ''मैं या कंपनी इस लेख का न तो समर्थन या प्रोत्साहित करती है और न ही इसे बढ़ावा देती है. एक कंपनी के रूप में हमें स्पष्ट रूप से विश्वास है कि विविधता और समावेश करना हमारी सफलता के लिए महत्वपूर्ण है, और हम इसके लिए लंबे समय के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे."

कंपनी से निकाले गए इंजीनियर डामूरे ने रॉयटर्स को लिखे एक मेल में यह बात स्वीकारी है कि उन्हें लैंगिक भेदभाव बनाए रखने को लेकर कंपनी से बर्खास्त किया गया है.

डामूरे ने कहा कि कंपनी से निकाले जाने से पहले सभी कानूनी उपाय तलाशे और उन्होंने अमेरिकी नेशनल लेबर रिलेशन्स बोर्ड में गूगल के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. उधर गूगल (कैलीफोर्निया) ने इस मामले में कहा कि वह व्यक्तिगत कर्मचारियों के मामलों के बारे में बात नहीं कर सकता.

अमेरिकी श्रम विभाग इस बात की भी छानबीन कर रहा है कि क्या गूगल गैरकानूनी ढंग से महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम तनख्वाह दे रहा है. हालांकि, गूगल ने इन आरोपों से इंकार किया है.

पुरुष प्रधान तकनीकि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को लेकर बार बार बहस उठती है. गूगल समेत दुनिया की कई बड़ी तकनीकी कंपनियों के प्रबंधन ने सार्वजनिक तौर पर कार्यक्षेत्र में विविधता लाने की बात कही है. हालांकि, अब भी ज्यादातर कंपनियों में तकनीकि और प्रबंधन के पदों पर महिलाओं की संख्या कम ही है.

एसएस/ओएसजे (रॉयटर्स)

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