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'लेडी कायदा' को 86 साल की कैद

न्यूयॉर्क की एक अदालत ने पाकिस्तानी वैज्ञानिक आफिया सिद्दीकी को 86 साल की सजा सुनाई है. इस बेहद चर्चित मामले में आफिया को अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की हत्या की कोशिश करने का दोषी पाया गया.

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आफिया सिद्दीकी

38 साल की आफिया को अमेरिकी मीडिया ने लेडी कायदा के नाम से चर्चित किया है. आफिया का अल कायदा से संपर्क होने का संदेह तो रहा, लेकिन कभी आतंकवाद का आरोप उस पर नहीं लगा. उसे फरवरी में अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों पर हमले का दोषी पाया गया. इस मामले में जज रिचर्ड बेर्मन ने कहा, "मेरा फैसला यह है कि डॉ. सिद्दीकी को 86 साल तक जेल में बंद रखा जाए."

Aafia Siddiqui Prozess Proteste Pakistan USA

सिद्दीकी को मिली सख्त सजा के विरोध की आवाजें पाकिस्तान में उसके शहर कराची के अलावा लाहौर और दूसरी जगहों पर भी उठ रही हैं. लोगों ने कई जगहों पर इस फैसले के विरोध में प्रदर्शन किए और अमेरिका विरोधी नारे लगाए. कराची में आफिया की बहन फौजिया सिद्दीकी ने पत्रकारों से कहा कि आफिया की रिहाई के उनके आंदोलन में पूरा पाकिस्तान उनका साथ देगा. लेकिन न्यूयॉर्क में अदालत के कमरे में आफिया ने लगातार मुसलमानों से शांत रहने की अपील की. उसने कहा, "मेरे केस में हरेक को माफ कर दो. जज बेर्मन को भी माफ कर दो."

सिद्दीकी एक न्यूरोसाइंटिस्ट है. उसने अमेरिका के प्रतिष्ठित मैसेचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी और ब्रैंडिस यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है. अदालत में आफिया ने कहा कि फैसले के खिलाफ अपील का कोई मतलब नहीं है. हालांकि उसके वकीलों ने ऊपरी अदालत में अपील करने की बात कही है. वकील चार्ल्स स्विफ्ट ने बताया, "इस केस में बहुत सारी गलतियां हुईं और उन गलतियों को ठीक करना होगा. इसलिए यह जरूरी है कि अपील की जाए."

Aafia Siddiqui Plakat in Pakistan August 2008

तीन बच्चों की मां सिद्दीकी ने जुलाई 2008 में अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया. तब उससे गजनी शहर के एक थाने में पूछताछ की जा रही थी. उसने एक अफसर की राइफल छीन ली और वहां मौजूद अमेरिकी अफसरों और एफबीआई के एजेंटों पर गोलियां चला दीं. अभियोजन पक्ष के वकील के मुताबिक उसने अमेरिकी अफसर की राइफल छीनकर गोलियां चलाईं और अमेरिका को मौत के नारे लगाए. हालांकि गोली खुद आफिया को ही लगी.

इस बारे में बचाव वकील का कहना था कि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि सिद्दीकी ने राइफल छीनी. ना ही उसकी उंगलियों के निशान मिले हैं और ना ही गन पाउडर. वकीलों ने आफिया के संबंध अल कायदा से साबित करने और उसे एक आतंकवादी बनने की तैयारी कर रही महिला साबित करने की सरकार की कोशिशों को भी गलत बताया.

सिद्दीकी पर आतंकवाद के आरोप तो नहीं लगाए गए लेकिन कराची में खतरनाक रसायन रखने और उसके पास से न्यूयॉर्क के अहम ठिकानों की जानकारी के दस्तावेज बरामद होने की बात कही गई.

पतले और कमजोर शरीर वाली आफिया 2008 में गिरफ्तार होने से पहले पांच साल अफगानिस्तान की जेलों में रही. आरोप है कि उसने अल कायदा के एक कार्यकर्ता से शादी की जो इस वक्त ग्वांतानामो जेल में बंद है और मुकदमे का सामना कर रहा है. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आफिया के मामले को खासा उछाला. वे आफिया के इस दावे का समर्थन करते हैं कि उसे 2003 में पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों ने अगवा किया और जेल में बंद कर दिया. बचाव वकीलों ने आफिया को पागल साबित करने की भी कोशिश की. लेकिन इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अलग अलग राय दी और जज ने इस तर्क को खारिज कर दिया.

दो साल पहले आफिया के पूर्व पति ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अपने तीन बच्चों समेत अचानक गायब होने से पहले आफिया उनसे भी जिहाद में शामिल होने की जिद कर चुकी थी. इस वक्त उसके दो बच्चे लापता हैं. कहा जाता है कि उनमें से एक की मौत हो चुकी है. तीसरा बच्चा मोहम्मद आहमद कराची में अपने रिश्तेदारों के साथ रहता है.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः आभा एम

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