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दुनिया

ली ने लिखा, जर्मनी मैं आ रहा हूं

चीन की सरकार और अधिक जर्मन निवेश चाहती है और खासकर उच्च तकनीकी वाली कंपनियों को लुभाने का प्रयास कर रही है. चीन के उप प्रधानमंत्री ली के छांग जर्मनी के दौरे पर आ रहे हैं.

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दौरे पर आने से पहले जर्मनी के प्रमुख दैनिक ज्यूड डॉयचे त्साइटुंग में लिखे गए एक लेख में सुधारों और आर्थिक मामलों के प्रभारी उप प्रधानमंत्री ली ने लिखा है कि चीन और जर्मनी की अर्थव्यवस्था बहुत हद तक एक दूसरे की पूरक है. फिर भी चीन में जर्मन निवेश उसके सकल विदेशी निवेश का सिर्फ 2 फीसदी है. दूसरी ओर चीनी उद्यमियों ने भी जर्मनी में सिर्फ 1 अरब यूरो का निवेश किया है. उन्होंने कहा, इसलिए संभावनाओं का पूरा इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

चीनी उप प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे नए अवसर पैदा होते हैं, चीनी कंपनियों के लिए भी. ली ने मांग की कि जर्मनी में चीनी निवेश और चीनी उद्यमों की शाखाएं खोलने को आसान बनाया जाना चाहिए.

ली के छांग गुरुवार को तीन दिनों के जर्मन दौरे पर आ रहे हैं. वह चांसलर अंगेला मैर्केल के अलावा विदेश मंत्री गीडो वेस्टरवेले से भी मिलेंगे. उन्हें वर्तमान प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ का संभावित उत्तराधिकारी समझा जाता है.

जर्मन नेताओं से अपनी बातचीत से पहले ली के छांग ने अखबार में लिखे अपने लेख में कहा है कि चीन यूरो को स्थिर बनाने में भविष्य में भी योगदान देगा. इसके पहले ली ने स्पेन में कहा था कि चीन वित्तीय बाजार को स्थिर करने के स्पेनी प्रयासों का समर्थन करता है और स्पेन के सरकारी बॉन्ड खरीदेगा.

ली ने लिखा है कि खासकर कृषि, पर्यावरण, ऊर्जा और माल प्रबंधन के क्षेत्र में अधिक निवेश होना चाहिए. उन्होंने कहा कि चीन उच्च तकनीकी उद्यमों के लिए बेहतर संभावनाएं पैदा करेगा. उप प्रधानमंत्री ने कहा है कि चीन आर्थिक कानूनों और निवेश नीति को बेहतर बनाएगा, बौद्धिक संपदा की सुरक्षा करेगा और बाजार में स्थिर, व्यवस्थित, पारदर्शी और भरोसेमंद माहौल बनाएगा. उन्होंने कहा कि चीन में पंजीकृत सभी कंपनियों के साथ घरेलू कंपनी जैसा व्यवहार किया जाएगा.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: वी कुमार

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