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खेल

लीवरपूलः मेड इन चाइना

ब्रिटेन का मशहूर फुटबॉल क्लब लीवरपूल बिकने वाला है और चीन की सरकार इसके सौदे में पैसा लगा रही है. ब्रिटेन के खेल जगत पर चीन अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है और ताजा मामला इसी से जुड़ा है.

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चीन के कारोबारी केनी हुआंग लीवरपूल के सौदे के लिए बोली लगा रहे हैं और चीन सरकार की विदेशों में निवेश करने वाली शाखा चाइना इन्वेस्टमेंट कॉर्प (सीआईसी) इसके लिए धन मुहैया करा रही है. रिपोर्टें हैं कि भारत के सबसे रईस उद्योगपति मुकेश अंबानी और सहारा ग्रुप के मालिक सुब्रत राय सहारा भी इस क्लब को खरीदना चाहते हैं.

फिलहाल ब्रिटिश फुटबॉल क्लब लीवरपूल के मालिक अमेरिकी नागरिक हैं और सैकड़ों लाख पाउंड के कर्ज में जाने के बाद उन्होंने अप्रैल में इस क्लब को बेच देने का फैसला किया. टीम में इंग्लैंड के मशहूर जेरार्ड, कोल और अर्जेंटीना के मैक्सी रोड्रीगेस जैसे फुटबॉलर लीवरपूल से खेलते हैं.

लंदन की द टाइम्स अखबार के मुताबिक कुवैत के एक पैसेवाले परिवार को मुकाबला देने के लिए चीन की सरकारी एजेंसी ने लीवरपूल के सौदे में मदद का फैसला किया है. अखबार कहता है कि चीन ने इस क्लब की कीमत 30 करोड़ से 35 करोड़ पाउंड आंकी है. अगर सौदा हो जाता है तो चीन का क्लब के ज्यादातर शेयरों पर सीआईसी का हक हो जाएगा.

Indien Ambani Brüder

मुकेश की भी ख्वाहिश

हुआंग के क्लब खरीदने को लेकर जब बहुत ज्यादा अटकलें लगाई जाने लगीं तो बुधवार को उन्होंने बयान जारी कर इसका खंडन कर दिया कि औपचारिक तौर पर उन्होंने इसकी बोली लगाई है. बयान में कहा गया कि श्री हुआंग ने लीवरपूल क्लब में दिलचस्पी जरूर दिखाई है लेकिन उन्होंने इसके लिए बोली नहीं लगाई है. हुआंग हांग कांग की क्यूएसएल स्पोर्ट्स लिमिटेड कंपनी के मालिक हैं और सौदे से पहले दूसरी चीजें तय कर लेना चाहते हैं.

हालांकि ब्रिटिश फुटबॉल क्लबों में दिलचस्पी और इसके इनकार की बात कोई नई नहीं है. इससे पहले रिलायंस के मालिक मुकेश अंबानी की कंपनी ने फरवरी में दावा किया था कि मुकेश इस क्लब के लिए बोली नहीं लगा रहे हैं. लेकिन मीडिया की रिपोर्टें इशारा कर रही हैं कि न सिर्फ अंबानी, बल्कि सहारा ग्रुप के मालिक सुब्रत राय सहारा भी इस क्लब को खरीदने के ख्वाहिशमंद हैं.

लीवरपूल के चेयरमैन मार्टिन ब्रॉटन ने इसी हफ्ते एलान किया है कि कई लोगों ने लीवरपूल को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है और यह सौदा 31 अगस्त को ट्रांसफर विन्डो बंद होने के बाद हो सकता है. लेकिन खरीदारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. लीवरपूल से पहले इंग्लिश प्रीमियर लीग की एस्टन विला, बर्मिंघम और मैनचेस्टर यूनाइटेड जैसी टीमें पहले ही विदेशी हाथों में जा चुकी हैं.

लीवरपूल के मौजूदा मालिक अमेरिका के टॉम हिक्स और जॉर्ज जिलेट ने इसे बेचने का फैसला किया है. क्लब पर बैंक ऑफ स्कॉटलैंड का लगभग 24 करोड़ पाउंड का बकाया है.

रिपोर्टः एएफपी/ए जमाल

संपादनः ओ सिंह

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