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दुनिया

लाहौर में जनगणना टीम पर आत्मघाती हमला

पाकिस्तान के लाहौर शहर में एक आत्मघाती हमले में सेना के चार जवानों समेत छह लोग मारे गए. हमलावर ने जनगणना कर रही टीम को निशाना बनाया.

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर में बुधवार सुबह एक जनगणना टीम को निशाना बनाया गया. राज्य सरकार के एक अधिकारी के मुताबिक बेदियां रोड पर सेना की गाड़ी खड़ी थी. सेना के जवान जनगणना कर रहे कर्मचारियों के साथ थे. इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार एक शख्स गाड़ी के पास पहुंचा और धमाका कर दिया. सेना के चार जवान और जनगणना कर रहे दो कर्मचारी मौके पर ही मारे गए.

पंजाब सरकार के प्रवक्ता मलिक अहमद खान ने पाकिस्तान के टीवी चैनल जिओ न्यूज से कहा, "यह एक आत्मघाती हमला था, हालांकि अभी इस बात का पता करना है कि कितना विस्फोटक इस्तेमाल किया गया." तीन घायलों की हालत नाजुक है. लाहौर के अस्पतालों में इमरजेंसी लागू की गई है.

धमाके के चलते पास खड़ी कारों में आग भी लग गई. बेदियां रोड लाहौर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है. सड़क लाहौर के पॉश इलाके डीएचए को जोड़ती है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने धमाके की निंदा की है. वहीं नवाज शरीफ के भाई और पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने अधिकारियों ने धमाके की रिपोर्ट मांगी है.

पाकिस्तान में इस साल अब तक ही कई बड़े आतंकी हमले हो चुके हैं. फरवरी में सिंध की सूफी दरगाह में हुए धमाके में 70 से ज्यादा लोग मारे गए थे. फरवरी में ही पंजाब विधान सभा के बाहर भी धमाका हुआ, जिसमें 13 लोग मारे गए. इन हमलों के बाद सेना ने देश भर में आतंकवाद के खिलाफ अभियान छेड़ा है, लेकिन इसके बावजूद आए दिन आतंकी हमले हो रहे हैं.

पाकिस्तान में 19 साल बाद जनगणना हो रही है. जनगणना से यह भी पता चलेगा कि देश में कितने अफगान रह रहे हैं. पाकिस्तान में लाखों अफगान नागरिक बिना आधिकारिक दस्तावेजों के रहते हैं. सरकार के जनगणना के इरादों को इस समुदाय के कुछ लोग शक की नजर से देखते हैं. पंजाब के न्याय मंत्री राणा सनाउल्ला ने बताया है कि जनगणना का काम लाहौर और पूरे प्रांत में बिना रुकावट के जारी रहेगा.

(पाकिस्तान: दहशत के 10 साल)

ओएसजे/आरपी (डीपीए, एएफपी)

 

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