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ताना बाना

लड़कियों की खेल प्रतियोगिता पर भड़का सऊदी अरब

सऊदी अरब का शिक्षा मंत्रालय कुछ निजी स्कूलों की जांच कर रहा है जिन्होंने लड़कियों की खेल प्रतियोगिता कराने का गैरकानूनी काम किया. अरब न्यूज ने खबर दी है कि लड़कियों के कुछ स्कूलों की जांच की जा रही है.

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सउदी महिलाओं को बेहद कम अधिकार प्राप्त हैं

8 दिसंबर को हुई इस प्रतियोगिता में जेद्दाह के छह निजी स्कूलों की कम से कम 200 लड़कियों ने हिस्सा लिया. मंत्रालय के एक अधिकारी ने अखबार को बताया कि इन स्कूलों ने नियमों को तोड़ा है. जेद्दाह में लड़कियों की शिक्षा के निदेशक अहमद अल-जहरानी ने बताया, "हमारे पास ऐसा कोई नियम नहीं है जो कहता है कि लड़कियों के स्कूलों का इस तरह से खेल प्रतियोगिता या ट्रेनिंग आयोजित करना जायज है. स्कूलों ने यह प्रतियोगिता कराई और अब हमें स्कूलों की गैरकानूनी गतिविधियों का पता चल रहा है."

सऊदी अरब में लड़कियों के लिए खेल पूरी तरह प्रतिबंधित हैं. सख्त इस्लामिक कानूनों को मानने वाले इस मुल्क में महिलाएं किसी टीम का हिस्सा नहीं हैं. वे सार्वजनिक तौर पर मैच भी नहीं देख सकतीं. सऊदी अरब की ओलंपिक टीम में सिर्फ पुरुष ही होते हैं.

देश में महिलाओं के कुछ क्लब हैं जहां खेल होते हैं. इसके अलावा महिलाओं की कुछ निजी यूनिवर्सिटियों में भी खेलों की थोड़ी बहुत सुविधाएं हैं लेकिन स्कूल स्तर पर तो खेल पूरी तरह प्रतिबंधित हैं.

8 दिसंबर को हुई प्रतियोगिता एक निजी यूनिवर्सिटी एफात ने कराई. इसमें बास्केटबॉल, बैडमिंटन, स्विमिंग और एथलेटिक्स के मुकाबले हुए. अल हामरा स्कूल की चेयरपर्सन फरीदा फारसी अब मंत्रालय की जांच से हैरान हैं. उन्होंने अरब न्यूज अखबार से कहा, "मुझे बड़ी हैरत हुई जब शिक्षा मंत्रालय का खत मिला. उन्होंने पूछा है कि यह प्रतियोगिता हुई ही क्यों. मुझे रूढ़िवादी सऊदी पुरुषों और शेखों के खत मिले और बहुत सारे फोन आए. उन्होंने मुझे चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसा नहीं होना चाहिए."

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः ए कुमार

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