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दुनिया

लखवी जमानत मामले में सोशलमीडिया पर नाराजगी

लश्करे तैयबा के कमांडर और मुंबई हमले के आरोपी जकीउर रहमान लखवी की जमानत की खबर से सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. इसके बाद पाकिस्तान सरकार के लखवी को तीन महीने नजरबंद रखने के फैसले पर चर्चा में नया मोड़ आया.

पाकिस्तान सरकार ने लखवी को तीन महीने नजरबंद रखने का फैसला किया है. सरकारी वकील के मुताबिक पाकिस्तान सरकार शुक्रवार को लखवी को दी गई जमानत के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर करेगी. भारत 2008 के मुंबई हमलों में लखवी की अहम भूमिका मानता है. भारत ने हाफिज सईद और लखवी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किए थे. लखवी की जमानत का फैसला इस्लामाबाद की आतंकवाद निरोधक अदालत ने गुरुवार को सुनाया जिसके खिलाफ न सिर्फ भारत बल्कि पाकिस्तान से भी नाराजगी भरे ट्वीट किए जा रहे हैं.

लखवी की जमीनत के फैसले की भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने निंदा की और कहा कि पाकिस्तान सरकार को जमानत के फैसले के खिलाफ अपील करनी चाहिए.

पेशावर में स्कूल पर हुए हमले पर भारत ने पाकिस्तान के साथ पूरा सहयोग दिखाया और घटना की निंदा की. ट्विटर पर #IndiawithPakistan के साथ भारत से हजारों संदेश भेजे गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर देश भर के स्कूलों में दो मिनट का मौन धारण किया गया. लेकिन दो दिन के अंदर ही पाकिस्तानी अदालत के लखवी को जमानत देने के फैसले ने सबको चौंका दिया. लखवी की जमानत पर भारत से कड़ी प्रतिक्रियाएं आईं.

लखवी की जमानत के फैसले का पाकिस्तानियों ने भी जम कर विरोध किया है. ट्विटर पर #NoToLakhviBail के अलावा भारत के लिए पाकिस्तान के समर्थन वाले #PakistanWithIndiaNoToLakhviBail जैसे हैशटैग भी खूब ट्रेंड कर रहे हैं.

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