1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

ताना बाना

लंदन को साइकल पर चलाने की तैयारी

भीड़ और बढ़ते ट्रैफिक की वजह से रेंगते लंदन के लोगों में साइकिल के प्रति प्यार पैदा करने की कोशिश की जा रही है. अब वहां छह हजार साइकिलें रख दी गई हैं, जिन्हें लोग मामूली किराए पर लेकर अपनी मंजिल पर जा सकते हैं.

default

सब साइकल से करें सफर

यह स्कीम शुक्रवार से शुरू हो रही है और इसका मकसद 2012 ओलंपिक के लिए शहर को तैयार करना है. इस तरह की सुविधा पेरिस और शंघाई समेत दुनिया के कई बड़े शहरों में पहले से ही है लेकिन लंदन में इसे काफी जोरशोर से शुरू किया जा रहा है. इसके लिए 400 स्थानों पर साइकिलें रखी जाएंगी. इनमें ब्रिटिश म्यूजियम और बकिंघम पैलेस जैसे बेहद लोकप्रिय पर्यटक स्थल भी शामिल हैं.

पेरिस में इस तरह की स्कीम काफी पसंद की जाती है, लेकिन वहां चोरी और साइकिलों की टूट फूट ने इस पर बुरा असर डाला है. इसे शुरू करने के दो साल के भीतर ही साइकिलों की हालत ऐसी हो गई कि अधिकारियों को सारी साइकिलें बदलनी पड़ीं. हालांकि लंदन को इस स्कीम से काफी उम्मीदें हैं. शहर के मेयर बोरिस जॉनसन कहते हैं, “ओलंपिक की तैयारियों के तहत इस योजना का मकसद एक साफ, हरा भरा और सुरक्षित शहर तैयार करने की कोशिश हो रही है, जहां साइकिल के जरिए क्रांति होगी.”

आयोजक चाहते हैं कि लंदन ओलंपिक में हर देखने वाला आने जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट या फिर साइकिल का ही इस्तेमाल करे. इसके लिए सबवे बनाने और ट्रेन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भारी निवेश किया जा रहा है.

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी ने हाल ही में कहा था कि लंदन में ट्रैफिक एक मुद्दा है. इस मुद्दे से निपटने के लिए ही लंदन का प्रशासन साइकिलों का सहारा ले रहा है. इसके लिए शहर में सुपर हाइवे का जाल बिछाया जा रहा है, जो साइकिल यात्रियों को आसानी से शहर के अंदर से बाहर निकाल सके. यह रास्ता अगले साल तक शुरू हो जाएगा और ओलंपिक साइट के करीब से निकलेगा.

स्कीम के शुरू होने से पहले ही दस हजार लोगों ने साइकिल के सब्सक्रिप्शन के लिए आवेदन दे दिया है. इसके बाद अधिकारियों की उम्मीद बंधी है कि यह स्कीम खासी पसंद की जाएगी.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः एस गौड़

DW.COM

संबंधित सामग्री