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खेल

रोसबर्ग के सपनों का सप्ताह

सपनों की राजकुमारी से शादी, वर्ल्ड कप में जर्मनी की खिताबी जीत, मर्सिडीज के साथ लंबा करार और जर्मन ट्रैक पर विजयी रेस. फॉर्मूला वन ड्राइवर निको रोसबर्ग के लिए भला इससे बेहतर हफ्ता क्या हो सकता है.

लंबे वक्त बाद हॉकेनहाइम के ट्रैक पर रेस जीतने वाले वह पहले जर्मन ड्राइवर हैं. और यह उनके लिए खुशी का अच्छा बहाना है, "घर पर जीतने का मजा ही कुछ और है. मुझे उम्मीद नहीं थी कि मुझे रेस में इतना बड़ा एडवांटेज मिल जाएगा."

इस जीत के साथ ही मर्सिडीज ड्राइवर ने अपने साथी ड्राइवर लुइस हैमिल्टन को 14 अंक पीछे छोड़ दिया है और इस सीजन में रोसबर्ग के चैंपियन बनने की उम्मीदें और तेज हो गई हैं. हालांकि उन्होंने माना कि रेस के दौरान एक बार उन्हें खतरा लगा कि कहीं वह अपनी लीड गंवा न दें. 67 लैप वाली रेस की दो तिहाई दूरी पूरी होने के बाद आद्रियान सुटिल की फोर्स इंडिया की गाड़ी खराब हो गई और वह ट्रैक के बीच में ही रुक गई. डर इस बात का था कि कहीं रेस में दोबारा से सेफ्टी कार न लानी पड़े.

Felipe Massa Großer Preis von Deutschland 20.7.2014

हादसे की शिकार मासा की कार

खतरे भरी रेस

रेस के शुरू में ही जब ब्राजीली ड्राइवर फिलिपे मासा की गाड़ी टकरा गई थी तो सेफ्टी कार आ चुकी थी. रोसबर्ग को इस बात से चिंता हो गई थी, "जब मैंने सुटिल को वहां खड़े देखा, तो मुझे घबराहट हुई क्योंकि मुझे लगा कि सेफ्टी कार आ सकती है. उससे चीजें मुश्किल हो जातीं. लेकिन आखिर में मेरे लिए शानदार फिनिश रहा."

रोसबर्ग के लिए यह हफ्ता पूरी खुशियां लेकर आया. इसी हफ्ते उन्होंने लंबे वक्त की अपनी गर्लफ्रेंड विवियान जीबोल्ड से शादी की. जर्मन फुटबॉल टीम के पक्के फैन रोसबर्ग ने जर्मनी के वर्ल्ड कप जीतने पर जम कर जश्न मनाया और इसी हफ्ते उनकी टीम मर्सिडीज ने उनके साथ करार भी लंबा कर दिया. इस सीजन में यह रोसबर्ग की चौथी और कुल मिला कर सातवीं जीत है. अब रोसबर्ग के 190 अंक हो गए हैं और हैमिल्टन के 176 अंक.

वैसे इस रेस में लगातार हादसे भी हुए. रेस शुरू होते ही मासा की गाड़ी टकरा गई और उन्हें बाहर होना पड़ा. इसकी वजह से ट्रैक पर सेफ्टी कार आई. उसके बाद सुटिल की गाड़ी चक्कर खाकर बीच ट्रैक पर जम गई. इसकी वजह से पीली झंडी निकालनी पड़ी. इसके बाद जिस तरह से मार्शलों ने सुटिल की गाड़ी को ट्रैक पर से धकेल कर बाहर किया, वह बेहद खतरनाक था क्योंकि सैकड़ों किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दूसरी कारें उसी तरफ आ रही थीं.

इस रेस में तीसरे नंबर पर रहे ब्रिटेन के हैमिल्टन का कहना है, "मैं उन मार्शलों को लेकर बहुत बहुत चिंतित था. आप एक मोड़ पर तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हुए पहुंच रहे हैं और वहां ट्रैक के बीच में कुछ मार्शल खड़े हों, तो बहुत चिंता की बात होती है. यह लंबे वक्त में पहला ऐसा मौका है." 2008 के फॉर्मूला वन चैंपियन हैमिल्टन ने कहा कि उन्हें 1997 का हादसा याद आ गया, जब दक्षिण अफ्रीकी ग्रां प्री के दौरान वेल्श के टॉम प्राइस ने ट्रैक पार कर रहे एक मार्शल को टक्कर मार दी और फिर दोनों की मौत हो गई.

एजेए/एएम (एएफपी, रॉयटर्स)