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ताना बाना

रोशनी से त्वचा रोग का इलाज

शरीर को बैक्टीरिया, वायरस और अन्य कीटाणुओं से बचाने वाली त्वचा के जरिए ही कई बार बीमारियां भी फैल सकती हैं. मंथन में इस बार होगी त्वचा से जुड़ी कुछ रोचक बातें और भी बहुत कुछ.

पुरानी चोट या कोई घाव अगर वक्त के साथ पूरी तरह ना भरे तो धीरे धीरे वह एक बड़ी बीमारी का रूप ले सकता है. अमेरिका में कैंसर के सबसे ज्यादा मामले स्किन कैंसर के ही हैं. इसलिए अब स्किन स्पेशलिस्ट एक ऐसी मशीन पर काम कर रहे हैं जो हर तरह की इन्फेक्शन को जड़ से मिटा देगी. म्यूनिख के त्वचा रोग विशेषज्ञ इलाज के लिए प्लाज्मा वाले एक खास उपकरण का इस्तेमाल कर रहे हैं. क्रीम के रूप में मिलने वाली दवायों के मुकाबले यह ज्यादा असरदार है. यह त्वचा के बहुत ही छोटे हिस्से पर भी काम करता है यानि उन बैक्टीरिया को भी मारा जा सकता है जो बिलकुल छोटे से हिस्से में हैं. प्लाज्मा इलाज की और खासियत जानेंगें मंथन के इस अंक में.

विकास के रहस्यों से परदा उठाती जेब्राफिश

इंसानों की त्वचा के साथ साथ जानवरों की त्वचा पर भी कई तरह की रिसर्च चल रही है. क्या आपने कभी सोचा है कि मोर को उसका अनोखा रंग कहां से मिलता है? मोरपंख इतने खूबसूरत कैसे होते हैं? इन सवालों ने वैज्ञानिकों को भी उलझा कर रखा हुआ है. और जवाब ढूंढने में मदद कर रही है जेब्राफिश. जेब्राफिश नाम की ये मछली दक्षिणपूर्वी हिमालय के इलाकों से आई हैं और अपने खास गुणों के कारण अब दुनिया के हर शोध संस्थान में पायी जाती है. इसके कई गुण इंसानों से मिलते जुलते हैं इसीलिए इंसानों के बारे में कई बातों का पता लगाया जा सकता है.

मंगोलिया की बर्फीली वादियों की सैर

मंगोलिया की पहचान आज भी चंगेज खान से है. राजधानी उलानबातोर में उनकी 131 फीट ऊंची मूर्ति है, जिसे देखने लोग दुनिया भर से आते हैं. लेकिन इतने सालों में मंगोलिया बहुत बदला है और बाकी देशों की तरह यह भी जलवायु परिवर्तन से जूझ रहा है. उलानबातोर दुनिया की सबसे ठंडी राजधानी है इसलिए जरूरी है कि इसके आसपास के जंगलों को बचा कर रखा जा सके. मंगोलिया में हवा सूख रही है और जंगल की आग के मामले बढ़ रहे हैं. इसलिए बड़े पैमाने पर फॉरेस्टर की ट्रेनिंग दी जा रही है. उन्हें सिखाया जा रहा है कि जंगल में पेड़ कैसे लगाने हैं, पौधों की देख रेख कैसे करनी है या फिर प्रति हेक्टेयर कितने पेड़ काटना सही है. इन अभियानों पर होगी हमारी नजर मंथन में.

हेल्थ ऐप्स से सेहत का ख्याल

इन दिनों बाजार में कई तरह के हेल्थ बैंड्स मौजूद हैं. सैमसंग ने भी अपने स्मार्टफोन को 'गीयर' से जोड़ दिया है ताकि आप इस बात पर नजर रख सकें कि आप कितना दौड़ भाग रहे हैं, कितनी कैलोरी खर्च कर रहे हैं. साथ ही ये आपका ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन भी नापते रहते हैं. ये हेल्थ बैंड्स देखने में घड़ी या फिर ब्रेसलेट जैसे लगते हैं और ये सेहत से जुड़ा आपका सारा डाटा जमा कर सकते हैं. ऐसे तमाम नए नवेले ऐप्स के बारे में होगी बात. इन सभी दिलचस्प रिपोर्टों के लिए जरूर देखिए मंथन शनिवार सुबह साढ़े दस बजे डीडी नेशनल पर.

आरआर/आईबी