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ब्लॉग

रेप पर बोलकर सलमान फंसे, और रेप पर हंसने वाले?

रेप पर संवेदनहीन टिप्पणी करके बॉलीवुड स्टार सलमान खान फंस गए हैं. महिला आयोग ने उनसे माफी मांगने को कहा है. लेकिन माफी मांग लेने से बात खत्म हो जाएगी क्या?

अक्सर लगता है कि रेप भारतीयों के लिए कोई समस्या है ही नहीं. यह मजाक बनाने का एक जरिया है. इसे इतना हल्केपन के साथ लिया जाता है कि गाहे ब गाहे मुंह से कुछ चुटकुला निकल जाता है. जैसे अब सलमान ने कह दिया कि खूब मुश्किल शॉट देने के बाद जब वह शूटिंग के दौरान चलते थे तो उन्हें लगता था कि उनका रेप हुआ है. हालांकि सलमान को फौरन समझ में आ गया कि उनके मुंह से बात नहीं बवाल निकला है. इसलिए उन्होंने अपनी बात वापस लेने की कोशिश भी की. लेकिन मुंह से निकली बात और कमान से निकला तीर तो...

सलमान खान के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए. पहले उनकी पूरी बात जान लीजिए. जो उन्होंने कहा पूरा पढ़ लीजिए. सलमान खान अपनी फिल्म 'सुल्तान' की शूटिंग के अनुभव बता रहे थे. वह बता रहे थे कि कैसे कुश्ती के शॉट्स देते वक्त उनको मेहनत करनी पड़ती थी. तो सलमान ने कहा, "मैं जब उस रिंग से बाहर आता था, यह बिल्कुल वैसा होता था जैसे कोई महिला रेप के बाद बाहर आ रही हो... मुझे नहीं लगता कि मुझे ऐसा बोलना चाहिए था... यह बहुत मुश्किल होता था. मुझसे कदम नहीं धरे जाते थे... मुझसे कदम नहीं धरे जाते थे."

सोशल मीडिया पर सलमान खान के इस कॉमेंट को लेकर बवाल हो रहा है. लोग सलमान खान को महिला विरोधी बताते हुए कसकर कोस रहे हैं. महिला आयोग ने उन्हें सात दिन के भीतर माफी मांगने का निर्देश दिया है. सलमान खान माफी मांग भी लेंगे. और फिर सब आगे बढ़ जाएंगे. लेकिन असली बात पीछे छूट जाएगी. अगर आप वह पूरा ऑडियो सुनें जिसमें सलमान खान ने यह बात कही है, तो आपको इस कॉमेंट के साथ कुछ और भी सुनाई देगा. जैसे ही सलमान ने रेप वाली बात कही, वहां मौजूद लोग, जो बेशक पत्रकार थे, हंसने लगे. आप उनकी हंसी की आवाज सुन सकते हैं. यह हंसी असली समस्या है जिस पर न समाज में बात हो रही है न महिला आयोग का कोई निर्देश आ रहा है.

यह कोई पहली बार नहीं है जब रेप को लेकर संवेदनहीन टिप्पणी आई हो. दो साल पहले चेतन भगत ने रुपये की कीमत में आ रही गिरावट की तुलना रेप से कर दी थी तो भी इसी तरह का बवाल हुआ था. समाजवादी पार्ट के नेता आजम खान ने जब कहा था रेप पीड़िता शोहरत बटोर रही है, तब भी सोशल मीडिया पर बहादुरों ने खूब हंगामा किया था. और इस तरह की टिप्पणियां आती हैं, चली जाती हैं. बवाल होता है, थम जाता है. लोग गुस्साते हैं और भूल जाते हैं. टिप्पणियां बंद नहीं होतीं. रेप भी कहां बंद हुए हैं!

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