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दुनिया

रेप की शिकायत पर गलतबयानी का मुकदमा

जीना-लीजा लोफिंक मॉडल है और 2012 में जर्मनीज नेक्स्ट टॉप मॉडल की उम्मीदवार थी. उसने दो लोगों पर बलात्कार का आरोप लगाया है जिस पर अदालत को विश्वास नहीं. अब उसी पर झूठे आरोप लगाने के लिए मुकदमा चल रहा है.

मुकदमे के दौरान बहुत सी महिलाओं ने महिलाओं के साथ यौन हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन किया. यौन हिंसा में न्याय के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान अपने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं जिनपर लिखा था, "नहीं का मतलब नहीं, मैं कुछ भी पहनूं, कहीं भी रहूं, हां का मतलब हां और नहीं का मतलब नहीं." मुकदमे में यह फैसला होगा कि 29 वर्षीय मॉडल ने दो लोगों पर क्या बलात्कार का गलत आरोप लगाया है. अदालत जाते हुए लोफिंक ने आंसुओं के बीच कहा कि वह शो नहीं कर रही है, "जो मेरा साथ हुआ है वह किसी भी दूसरी सामान्य महिला के साथ हो सकता है."

"सहमति से हुआ था सेक्स"

बर्लिन की अदालत में चल रहे मुकदमे में एक कथित बलात्कारी ने लोफिंक के आरोपों को ठुकरा दिया है. फुटबॉलर परदिस एफ. का कहना है कि उसके, लोफिंक और नाइटक्लब के कर्मचारी सेबास्टियान सी के बीच सहमति से सेक्स हुआ था. इसके विपरीत लोफिंक ने दोनों पर बलात्कार का आरोप लगाया था. एक अदालत ने इन आरोपों को सच मानने से इंकार कर दिया था, लोकिन दोनों को इस बात के लिए सजा दी कि उन्होंने लोफिंक के साथ सेक्स की वीडियो बेची. जज ने लोफिंक पर झूठे आरोप लगाने के आरोप में 24 हजार यूरो का जर्मना किया था. इस जुर्माने को स्वीकार नहीं करने के कारण अब लोफिंक पर मुकदमा चल रहा है.

इंटरनेट में फैला वीडियो

अब दोनों ही पक्ष अपने लिए उस वीडियो का सहारा ले रहे हैं. इंटरनेट पर तेजी से फैले इस वीडियो में लोफिंक को "स्टॉप इट स्टॉप इट" कहते हुए सुना जा रहा है. आरोपी परदिस एफ का कहना है कि यह वीडियो बनाने के बारे में कहा जा रहा था जबकि लोफिंक का कहना है कि वीडियो इस बात का सबूत है कि वह सेक्स का विरोध कर रही थी. मुकदमे में गवाह के रूप में बुलाए गए परदिस ने अदालत से कहा कि वह कथित बलात्कार से एक दिन पहले और एक दिन बाद वाली रात लोफिंक के साथ सोया. सिर्फ लोफिंक की मैनेजर ने फोन पर लिए गए वीडियो को डिलीट करने पर जोर दिया था.

इसके बावजूद वीडियो इंटरनेट पर फैल गया. वीडियो के इंटरनेट पर प्रसार के लिए 28 वर्षीय परदिस को 1350 यूरो का जुर्माना किया गया जिसे उसने स्वीकार कर लिया. परदिस का कहना है कि उसने जुर्माना इसलिए मान लिया कि वह मीडिया में हंगामे से बचना चाहता था. इस बीच सैबास्टियान सी का पता मालूम नहीं होने के कारण उसके खिलाफ मुकदमा रुका हुआ है.

एमजे/आईबी (एएफपी, डीपीए)

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