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मनोरंजन

रेत के जादूगर सुदर्शन पटनायक को तीन पुरस्कार

रेत पर शानदार आकृतियां उभार देने के लिए विख्यात सुदर्शन पटनायक को अमेरिका में हुई प्रतियोगिता में तीन पुरस्कार मिले हैं. अमेरिका में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सुदर्शन पटनायक पहले भारतीय कलाकार हैं.

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रेत पर कलाकृतियां उभारने में महारथियों का यह मुकाबला 22 सितम्बर से 24 सितम्बर तक अमेरिका के वर्जीनिया बीच पर हुआ. इसमें दुनिया भर के 11 कलाकारों ने हिस्सा लिया. भारत के सुदर्शन पटनायक को नेपच्यून्स च्वाइस, स्कल्पटर्स च्वाइस अवॉर्ड तो मिले ही, वह प्रतियोगिता में पांचवे स्थान पर रहे.

Der indische Sandskulpturenspezialist Sudarsan Pattnaik

अपने प्रदर्शन से खुश नजर आ रहे सुदर्शन पटनायक ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, "भारत के लिए तीन पुरस्कार जीतने पर मुझे बेहद खुशी हो रही है. यह पहली बार है जब एक ही प्रतियोगिता में मैंने तीन मेडल जीते हैं."

सुदर्शन ने रेत पर नेपच्यून की आकृति उभारते हुए संदेश दिया, "सेव द सी फ्राम ऑयल स्पिल". यानी समुद्र को तेल के बिखराव से बचाओ. अमेरिका में हुई प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सुदर्शन पटनायक पहले भारतीय कलाकार हैं.

वैसे दुनिया भर में वह 42 प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं और कई पुरस्कार अपने नाम कर चुके हैं. भारत के उड़ीसा राज्य में वह एक स्कूल भी चला रहे हैं जिसमें छात्रों को वह रेत पर अपनी कल्पनाओं को साकार करने के गुर सिखाते हैं.

कुछ दिन पहले सुदर्शन ने कहा था कि उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो रहा है और उन्हें नौकरी की तलाश है. सुदर्शन ने यह कहकर चौंका दिया था कि उन्हें अवॉर्ड नहीं बल्कि नौकरी चाहिए. देश दुनिया में नाम कमाने और राष्ट्रपति सम्मान तक हासिल करने के बावजूद सुदर्शन को नौकरी नहीं मिल पाई है. सुदर्शन के मुताबिक इनाम और सम्मान से अखबार में जगह तो मिल जाती है लेकिन पेट की भूख नहीं मिटती.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: एन रंजन

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