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दुनिया

रूस में ही रहेंगे स्नोडेन

अमेरिकी एजेंसियों के जासूसी कांड का पर्दाफाश करने वाले एडवर्ड स्नोडेन को रूस ने तीन और साल तक शरण देने का फैसला किया है. पिछले साल उन्हें एक साल का वीजा मिला था, जिसकी मियाद गुरुवार को खत्म हो रही थी.

स्नोडेन के वकील अनातोली कुचेरेना का कहना है, "उनकी मांग को मान लिया गया है और उन्हें तीन साल का रेसिडेंस परमिट मिल गया है. अब वह खुले तौर पर रह सकते हैं या विदेश भी जा सकते हैं."

पिछले साल लगभग एक महीने तक रूसी राजधानी मॉस्को के एक एयरपोर्ट पर ट्रांसिट एरिया में रहने वाले स्नोडेन को उसके बाद रूस ने शरणार्थी के तौर पर स्वीकार कर लिया था. वह अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एनएसए के एजेंट रह चुके हैं और पिछले साल ही उन्होंने जबरदस्त खुलासे किए थे. उनका कहना है कि जर्मनी की चांसलर अंगेला मैर्केल सहित दुनिया भर की कई हस्तियों पर नजदीक से जासूसी की जा रही थी.

फिलहाल इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि स्नोडेन कहां रहते हैं और क्या वे काम कर रहे हैं या नहीं. रूसी मीडिया में आखिरी बार उनकी तस्वीर 2013 दिसंबर में छपी थी. उस समय वह मोस्क्वा नदी पर बोट चलाते दिख रहे थे. लाइफन्यूज नाम की लोकप्रिय वेबसाइट ने भी उनकी तस्वीर छापी थी, जिसमें वह सुपर मार्केट में ट्रॉली लेकर कुछ खरीदारी करते नजर आ रहे थे. साथ में उनके वकील अनातोली कुचेरेना भी दिख रहे थे, जो बताता है की तस्वीर फर्जी नहीं थी.

इस साल अप्रैल में वह अचानक प्रकट हुए और उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन से सवाल किया, "मैं जानना चाहता हूं कि क्या रूस करोड़ों लोगों के संचार को किसी तरह रोकता, स्टोर करता या उसकी विवेचना करता है." उनका यह सवाल पहले से रिकॉर्डेड था.

अमेरिका का आरोप है कि स्नोडेन ने जासूसी और राष्ट्रीय संपदा की चोरी की है. पिछले साल वह हॉन्ग कॉन्ग पहुंचे थे और दक्षिण अमेरिका जाना चाहते थे. लेकिन तब तक बात इतनी बढ़ चुकी थी कि वह मॉस्को एयरपोर्ट से आगे नहीं बढ़ पाए. उनके वकील का कहना है कि स्नोडेन को अभी भी जान का खतरा है.

इससे पहले जनवरी में स्नोडेन ने दावा किया कि कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने ऑनलाइन उन्हें जान से मारने की धमकी दी. चर्चा चल रही थी कि कानून का सामना करने वह अमेरिका लौट सकते हैं या फिर ब्राजील में शरण ले सकते हैं. लेकिन फिलहाल स्नोडेन ने रूस में ही रहने का फैसला किया है. उनके वकील कुचेरेना ने जुलाई में संकेत दिए थे कि उनके दस्तावेजों को जमा किया जा रहा है.

एजेए/एमजी (एएफपी)

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