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दुनिया

रूस पर फैसला अगले हफ्ते

यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने रूस पर व्यापक प्रतिबंध लगाने के बारे में प्रस्ताव रखे हैं. इसमें यूरोपीय देशों के स्टॉक एक्सचेंज में नई कंपनियों की लिस्टिंग से लेकर संवेदनशील तकनीक के रूस को निर्यात पर रोक भी शामिल है.

इसमें यूरोपीय देशों के स्टॉक एक्सचेंज में नई कंपनियों की लिस्टिंग से लेकर संवेदनशील तकनीक के रूस को निर्यात पर रोक भी शामिल है.

यूरोपीय आयोग ने गुरुवार को कहा कि रूस के औद्योगिक सेक्टरों पर प्रतिबंध अगले सप्ताह लागू किए जा सकेंगे. यूरोपीय प्रतिनिधि रूस पर अलग अलग तरह के व्यापक प्रतिबंधों के प्रस्ताव पर बहस कर रहे हैं.

आयोग के प्रवक्ता जोनैथन टॉड ने बताया, "यह बहस अगले हफ्ते भी जारी रहेगी. जब और जैसे सदस्य देश तय कर लेते हैं कि वह कैसे आगे बढ़ेंगे और क्या कदम उठाएंगे, उस समय कमीशन प्रस्ताव पेश करेगा."

संभावित यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के तहत रूसी बैंकों के नए शेयरों या बॉन्ड को खरीदने पर रोक लगा जा सकती है. लेकिन ये रोक सिर्फ उन्हीं संगठनों पर लागू होगी जिसमें रूसी सरकार की 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी हो.

इसमें रूसी सरकारी बैंकों का यूरोपीय संघ के शेयर बाजारों के लेन देन को और सीमित करने की बात है. नाम नहीं बताने की शर्त पर एक ईयू राजनयिक ने बताया, "रूस की सरकारी वित्तीय कंपनियों की कैपिटल मार्केट में पहुंच रोक दी जाए तो फंड बढ़ाने का उनका खर्चा बढ़ जाएगा और रूसी अर्थव्यवस्था को वित्तीय मदद देने की क्षमता कम हो जाएगी. इतना ही नहीं इससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल बनेगा जिससे रूस के बिजनेस पर असर पड़ेगा और पूंजी के बाहर जाने की गति बढ़ जाएगी."

इस प्रतिबंध का असर सरकारी बैंकों के कर्ज और 90 दिन से ज्यादा की मैच्युरिटी वाली प्रतिभूतियों की खरीद पर पड़ेगा. इसमें प्रारंभिक और सेकंडरी दोनों खरीद शामिल है. इन सबके लिए यूरोपीय संघ के सभी 28 सदस्य देशों को राजी होना पड़ेगा. यूरोपीय आयोग ने रूस के साथ हथियारों के व्यापार पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है. रूस यूरोपीय संघ को करीब 3.2 अरब यूरो के हथियार बेचता है जबकि ईयू से रूस को जाने वाले हथियारों का व्यापार करीब 30 करोड़ यूरो का है.

सैन्य या मिश्रित इस्तेमाल वाले सामान के निर्यात और ऊर्जा तकनीक के निर्यात पर भी रोक लगाने के प्रस्ताव हैं. हालांकि ऊर्जा तकनीक पर रोक लंबे समय के उत्पादन पर होगी, जारी सप्लाई पर नहीं.

इन नए प्रतिबंधों से पहले रूस ने एक बार फिर कहा है कि पश्चिम के इन प्रतिबंधों से उसकी अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा और कि ये प्रतिबंध सोवियत दौर की तुलना में नहीं के बराबर हैं. लेकिन रूस की कंपनियों में इसका विपरीत सोचने वालों की संख्या बढ़ी है. रूस के मैनेजर संगठन ने कहा है कि यूरोपीय संघ के प्रतिबंध रूसी कंपनियों के लिए मुश्किल साबित हो सकते हैं.

अमेरिका ने खनिज तेल कंपनी रोपनेफ्ट, गासप्रोमबैंक सहित कुल चार कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. इन कंपनियों में वीईबी और नोवाटेक भी शामिल हैं.

एएम/एमजी (रॉयटर्स, डीपीए)

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