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दुनिया

रूस-ट्रंप रिश्तों के खुलासे के लिये फ्लिन ने रखी शर्त

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन के वकील मुताबिक वह ट्रंप के प्रचार अभियान और रूस के संभावित संबंधों पर बात कर सकते हैं बशर्ते उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाये.

फ्लिन के वकील रॉबर्ट केलनर ने कहा कि उनके पास बताने के लिये कई कहानियां है और वह सुनाना भी चाहेंगे लेकिन यह तभी संभव होगा जब हालात पक्ष में हों. दरअसल फ्लिन और रूस के रिश्तों की जांच अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई और खुफिया मामलों से जुड़ी संसदीय समितियां भी कर रही हैं. समितियां, ट्रंप के चुनाव प्रचार अभियान में रूसी हस्तक्षेप और उनके संभावित रिश्तों की जांच कर रही हैं. फ्लिन को फरवरी में विवाद के बाद इस्तीफा देना पड़ा था क्योंकि उन्होंने अमेरिका में रूसी राजदूत सेर्गेई किसीलाक के साथ हुई अमेरिका प्रतिबंधों से जुड़ी चर्चा का खुलासा नहीं किया था. जिस वक्त यह बातचीत हुई थी, तब फ्लिन ट्रंप के प्रचार अभियान के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे. लेकिन जब यह खुलासा हुआ कि उन्होंने रूसी अधिकारियों के साथ अपने संबंधों को लेकर उपराष्ट्रपति को गुमराह किया है तो उन्हें पद छोड़ना पड़ा.

केलनर ने कहा कि उनके मुवक्किल को कांग्रेस के सदस्यों और अन्य राजनीतिक आलोचकों का शिकार बनना पड़ रहा है और उनके खिलाफ आपराधिक जांच हो रही है. उन्होंने कहा कि बिना किसी राजनीतिक आश्वासन और भरोसे के फ्लिन के साथ इस राजनीतिक माहौल में पूछताछ नहीं की जा सकेगी.

वहीं रूस ने अमेरिकी चुनाव में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से जुड़े दावों को नकार दिया है. ट्रंप प्रशासन भी ऐसे दावों को बेबुनियाद बताता है. उसने यहां तक कहा है कि चुनाव हार जाने के कारण डेमोक्रेट्स इस मामले को तूल दे रहे हैं और यह राजनीति से प्रेरित है. 

"द वॉल स्ट्रीट जनरल" के हवाले से कहा गया था कि फ्लिन, एफबीआई, सदन और सीनेट की खुफिया समितियों से कार्रवाई से छूट की बात कर रहे हैं. इसके बाद केलनर ने इसका खुलासा किया.

हालांकि सदन की खुफिया समिति ने इस बात को खारिज किया है. लेकिन कांग्रेस के एक सदस्य ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि सीनेट और खुफिया समितियों के बीच रियायतें देने के मसले पर बातचीत चल रही है.

एए/एके (एएफपी, एपी, रॉयटर्स)

 

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