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दुनिया

रूस की आईएस के खिलाफ साथ आने की शर्त

रूसी विदेश मंत्री ने कहा है कि अगर पश्चिमी देश इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन चाहते हैं तो उन्हें असद के निष्कासन की मांग छोड़नी होगी. सीरियाई राष्ट्रपति के भविष्य पर अभी तक पश्चिमी देश एक मत नहीं हैं.

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि विएना में हुई बातचीत के बाद अभी तक सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के राजनीतिक भविष्य पर कोई समझौता नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि रूसी विमान के गिराए जाने और पेरिस के हमलों के बाद उन्हें पश्चिमी देशों के रुख बदलने की उम्मीद है. लावरोव ने कहा, "मैं पश्चिमी साथियों के असद पर रवैये में परिवर्तन की उम्मीद कर रहा हूं, जो कि दुर्भाग्यवश आतंकी हमलों से हुआ है और यह अन्य पश्चिमी देशों में भी फैलेगा. इस्लामिक स्टेट से लड़ाई को तभी सुलझाया जा सकता है जब असद का भविष्य साफ हो."


अभी तक असद के भविष्य को लेकर पश्चिम के मत से अलग थलग रहने वाला रूस सीरिया को मध्य पूर्व में अपने करीबी की तरह देखता है. रूस का कहना है कि असद का भविष्य सीरिया के लोगों को तय करने देना चाहिए जबकि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश असद को पद से हटाए जाने के पक्ष में हैं.


वहीं ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा कि वह इस्लामिक स्टेट से लड़ाई की संसद के सामने 'विस्तृत रणनीति' प्रस्तुत करेंगे जिसमें सीरिया में हवाई हमले करना भी शामिल होगा. कैमरन ने कहा कि वह इराक और सीरिया में ब्रिटेन की तरफ से होने वाली हवाई कार्रवाई को बढ़ाकर पश्चिमी देशों का साथ देना चाहते हैं. लेकिन उन्हें संसद में विरोध का खतरा है. मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन सीरिया में हवाई कार्रवाई को बढ़ाए जाने के खिलाफ हैं.


उधर बशर अल असद ने इतालवी राष्ट्रीय चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि जब तक सीरिया पर आतंकियों का कब्जा है तब तक कोई राजनीतिक कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकती. विएना में 19 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई जिसमें तय हुआ कि 1 जनवरी तक सीरिया में अंतरिम सरकार और उसके बाद चुनाव कराए जाने के बारे में बातचीत शुरू हो जानी चाहिए.
असद ने कहा अगर सीरिया के लोग राष्ट्रपति चुनाव कराना चाहते हैं तो उन्हें रोका नहीं जाएगा. यह पूछे जाने पर कि साढ़े चार साल से जारी गृह युद्ध में अब देश का कितना हिस्सा सरकार के नियंत्रण में है, असद ने कहा, "भौगोलिक रूप से स्थिति हर रोज बदल रही है."


पेरिस हमलों के बाद फ्रांस ने सीरिया में हवाई हमलों को बढ़ा दिया है. एक फ्रांसीसी पत्रिका के साथ इंटरव्यू में असद ने कहा है कि सीरिया फ्रांस के साथ खुफिया जानकारी इसी शर्त पर साझा करेगा कि वह सीरिया में अपनी नीति को बदले. असद ने कहा, "अगर फ्रांसीसी सरकार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में संजीदा नहीं है तो हम ऐसे देश, सरकार या संस्थान का साथ देने में अपना समय नहीं बर्बाद करेंगे जो आतंकवाद का साथ दे रहा हो." अपने शासन के खिलाफ सीरिया में विरोध झेल रहे असद ने कहा कि वह हमेशा से यह बात कहते आए हैं कि वह आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा हैं और राष्ट्र का भविष्य तय करना अंतत: सीरिया के नागरिकों के हाथ में है.
एसएफ/आरआर (एपी, एएफपी, रॉयटर्स)

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