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दुनिया

रूस ईयू सम्मेलन के केंद्र में सीरिया

सोमवार को रूस और यूरोपीय संघ के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन शुरू हो रहा है. दो दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन के केंद्र में इस बार सीरिया रहेगा.

सोमवार को जब रूसी शहर येकातेरिनबर्ग में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहुंचेंगे तो यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि उनसे सीरिया के संदर्भ में जवाब की उम्मीद करेंगे. सीरिया में पिछले दो साल से जारी राजनीतिक अस्थिरता के दौरान रूस सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद का साथ देता ही दिखा है.

अब हाल ही में इस बात पर विवाद खड़ा हुआ है कि रूस ने सीरिया को एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम बेचे हैं. हालांकि रूस इस बात से इनकार कर रहा है, लेकिन मिग कॉरपोरेशन ने इस बात की पुष्टि की है कि दमिश्क को दस फाइटर जेट बेचे गए हैं.

रूस में विदेश नीति मामलों के वरिष्ठ अधिकारी यूरी युशाकोव ने इस बारे में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. हालांकि दो ही दिन पहले उन्होंने असद की तरफदारी करते हुए कहा था कि सीरिया के लोगों को अपने मसलों का हल खुद ही निकालने दिया जाए. उन्होंने सवाल किया था कि ऐसे हालात में असद पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दबाव डाल कर उन्हें सत्ता से हटा देना क्या देश के लिए सही होगा और क्या ऐसा कर के देश और भी ज्यादा अव्यवस्था में नहीं धकेल दिया जाएगा.

युशाकोव पत्रकारों से शिखर सम्मेलन के संदर्भ में बात कर रहे थे. उन्होंने बताया कि सम्मेलन के पहले दिन अनौपचारिक रूप से सीरिया के हालत पर चर्चा होगी और फिर 4 जून को विशेष सेशन भी होगा.

वीजा फ्री होंगे एयू और रूस

मध्य पूर्व के साथ साथ ईरान, कोरिया और उत्तरी अफ्रीका भी सम्मेलन में चर्चा का विषय रहेंगे. ईरान के परमाणु कार्यक्रम ने अमेरिका की नाक में दम तो किया ही हुआ है, यूरोप और रूस की भी उस पर नजर है.

इसके अलावा यूरोपीय संघ के देशों और रूस के बीच बिना वीजा के आने जाने की अनुमति पर भी चर्चा होगी. रूस ने ऐसे 15,000 अधिकारियों की सूची तैयार की है जिन्हें वह बिना वीजा के ईयू आने जाने की अनुमति दिलवाना चाहता है.

इस बीच रूस ने एक नया कानून बनाया है जिसके तहत 1 जुलाई से सभी यूरोपीय एयरलाइनों को यात्रियों की सारी जानकारी रूसी अधिकारियों को मुहैया करानी होगी. ईयू को इस बात की चिंता है कि यदि यह कानून लागू हो जाता है तो रूस इस जानकारी के आधार पर एयरलाइनों को देश में आने से मना कर सकता है.

हालांकि रूस ने अब तक यह नहीं बताया है कि जानकारी ना देने पर वह किस तरह के कदम उठाएगा. ईयू का मानना है कि यात्रियों के बारे में बताना उन्हें धोखा देना होगा और साथ ही यह निजता की निति का उल्लंघन भी है.

इस शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ की ओर से यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष हेरमान वान रॉम्पॉय, यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जोसे मानुएल बारोसो और यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी कैथरीन एश्टन मौजूद रहेंगी.

रिपोर्ट: ईशा भाटिया (डीपीए/एएफपी)

संपादन: एन रंजन

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