रुक नहीं रहा महिला उत्पीड़न | दुनिया | DW | 04.05.2015
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

रुक नहीं रहा महिला उत्पीड़न

पंजाब के मोगा में बस में महिला के साथ छेड़छाड़ और मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि राज्य के ही खन्ना में उत्पीड़न की एक और घटना सामने आ गई. महिलाओं के लिए असुरक्षित बताए जा रहे राज्य में कानून व्यवस्था पर उठे सवाल.

रविवार शाम मोहाली से लुधियाना जा रही एक निजी बस में महिला से छेड़छाड़ ने पंजाब सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को विपक्षी दल बदहाल बताते हुए सराकर को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं. खन्ना में हुई इस घटना में महिला ने छेड़छाड़ की शिकायत बस कर्मचारियों से की जिसके बावजूद बस नहीं रोकी गर्इ. शिकायत मिलने पर पुलिस कंट्रोल रूम तुरंत हरकत में आया और मामला दर्ज कर बस चालक और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया.

यह घटना मोगा में एक चलती बस में 13 वर्षीय किशोरी और उसकी मां से छेड़छाड़ और फिर उन्हें बस से फेंके जाने के चार दिन बाद हुई है. मोगा कांड में बस से फेंकी गई किशोरी की मौत हो गई. जिस बस से इन महिलाओं को फेंका गया था, वह पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की कंपनी की थी. यही कारण है कि मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है.

एक तरफ जहां विपक्षी दलों ने मोगा बस कांड को लेकर पंजाब सरकार को घेरा हुआ है वहीं महिलाओं के लिए असुरक्षित माहौल को लेकर सरकार की खूब निंदा हो रही है. बस चालक और कंडक्टर ने खन्ना में बस की गति धीमी कर आरोपी पुरूष को बस से उतार कर भगा दिया.

यह घटना रविवार को चंडीगढ़ से 60 किलोमीटर दूर खन्ना कस्बे के पास बस में सवार महिला के साथ हुई. स्थानीय अखबारों में यही घटनाएं प्रमुखता से छाई हैं.

जनता ने ट्विटर पर लिखा है कि उन्हें इन घटनाओं के बाद मंत्रियों के बयानों से बहुत निराश हुई है. मोगा कांड पर बोलते हुए राज्य के एक मंत्री ने इसे "भगवान की मर्जी" बताया था. दूसरी ओर बस कंपनी के मालिक बादल परिवार ने कहा कि "दुर्भाग्य से बस हमारी थी."

मृतका के परिवार ने आर्थिक मुआवजा, घायल मां के लिए नौकरी और उनके इलाज का पूरा खर्च उठाने का प्रस्ताव मान लिया है. बिना पोस्टमार्टम के किशोरी का अंतिम संस्कार कर दिया गया. 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में चलती बस में हुए सामूहिक हत्याकांड के बाद जगे लोगों के गुस्से जैसी प्रतिक्रिया इस बार नहीं दिखी.

आरआर/ओएसजे