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दुनिया

रिहा हुआ मुंबई हमलों का आरोपी हाफिज सईद

मुंबई हमले की 9वीं बरसी से ठीक पहले पाकिस्तान ने हाफिज सईद को रिहा कर दिया. सईद की रिहाई से भारत से रिश्ते और खराब तो होंगे ही, साथ ही पाकिस्तानी सरकार की भी मुश्किलें बढ़ेंगी.

मुंबई हमलों के आरोपी हाफिज सईद को नजरबंदी से रिहा कर दिया गया है. शुक्रवार को सईद की रिहाई के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद रहे. बुधवार को हाईकोर्ट ने सईद की नजरबंदी खत्म करने का फैसला सुनाया था. शुक्रवार को इस पर अमल किया गया.

मुंबई हमलों के बाद कई साल तक आजाद घूमने वाले हाफिज सईद को पाकिस्तान ने जनवरी 2017 में नजरबंद किया. कश्मीर में भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों ने यह आशंका जताई थी कि भारत सईद को निशाना बना सकता है. इसके बाद सईद को नजरबंद कर दिया गया.

जमात उल दावा के संस्थापक सईद ने बार बार मुंबई हमलों की साजिश से इनकार किया है. भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में 26 नवंबर 2008 की रात 10 हथियारबंद आतंकवादियों ने हमला किया. आतंकियों ने दो लग्जरी होटल, एक यहूदी सेंटर और ट्रेन स्टेशन को निशाना बनाया. करीब तीन दिन तक जारी रहे आतंकी हमले में कई विदेशी नागरिकों समेत 166 लोग मारे गए. जांच में पता चला कि आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे. भारतीय जांचकर्ताओं का दावा है कि हमला हाफिज सईद के इशारों पर हुआ और हमले के दौरान आतंकवादी टेलिफोन के जरिये पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे.

पाकिस्तान में बैन को ठेंगा दिखाते कट्टरपंथी गुट

चीन के कहने पर हाफिज सईद को नजरबंद किया गया?

अमेरिका ने सईद पर एक करोड़ डॉलर का इनाम रखा है. अमेरिका का कहना है कि जमात उल दावा आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा से जुड़ा है. पाकिस्तान 2002 में लश्कर ए तैयबा पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध लगा चुका है. सईद की रिहाई के बाद भारत और पाकिस्तान के पहले से तल्ख हुए रिश्ते और बिगड़ेंगे. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने नई दिल्ली की नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, "भारत और पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय नाराज है क्योंकि एक स्वघोषित और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी की रिहाई होने दी गई."

सईद ने बार बार भारत प्रशासित कश्मीर के मुस्लिम अलगाववादियों के लिए समर्थन दोहराया है. रिहाई के बाद भी सईद ने कश्मीर का जिक्र किया, "कश्मीर का केस लड़ना जारी रहेगा. हमारा संघर्ष जारी रहेगा. हम पाकिस्तान की सारी अवाम को अपने साथ खड़ा करेंगे."

सईद की रिहाई पाकिस्तान की सरकार के लिए भी कोई अच्छी खबर नहीं हैं. नजरबंदी के बावजूद हाफिज सईद की कथित चैरिटी संस्था, पाकिस्तान में कट्टरपंथी राजनीतिक पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) बना चुकी है. एमएमएल का समर्थन भी बढ़ता जा रहा है. पेशावर उप चुनावों में उसे हजारों वोट मिले. पाकिस्तान का चुनाव आयोग पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द कर चुका है. लेकिन पाकिस्तान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और रिटायर्ड सेनाधिकारियों के मुताबिक सईद की पार्टी को पाकिस्तान की ताकतवर सेना का समर्थन प्राप्त है. हालांकि पाकिस्तान की सेना कई दशकों से राजनीति में दखल देने से इनकार करती आई है.

(दोस्ती की बांह पर आतंकियों के हमले)

ओएसजे/एमजे (रॉयटर्स, एएफपी)

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