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दुनिया

रिश्तों को गर्माने चीन पहुंचे कृष्णा

कश्मीरियों को अलग से एक कागज पर वीजा देने और पाकिस्तानी कश्मीर में "गैर कानूनी" निर्माण गतिविधियों पर बात करने भारतीय विदेश चीन के दौरे पर पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री वेन चियापाओ और विदेश मंत्री यांग चियेची से भी मिलेंगे.

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चीन के दौरे पर एसएम कृष्णा

माना जा रहा है कि पिछले साल दोनों देशों के बीच अरुणाचल प्रदेश के मुद्दे पर हुई अनबन के बाद एसएम कृष्णा भारत और चीन के बीच विश्वास बढ़ाने की कोशिश करेंगे. भारत के अधिकारियों ने कहा है कि वार्ता दोनों पक्षों के नज़रिए को देखते हुए की जाएगी. दोनों पक्ष मानते हैं कि अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन के बयान, फिर दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा और इस सिलसिले में दोनों देशों के मीडिया में छपी खबरों से किसी को फायदा नहीं हुआ है.

भारत चीन के साथ सीमा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेगा. पाकिस्तानी कश्मीर में चीन की कंपनियों की तरफ से चलाई जा रही निर्माण गतिविधियों पर भी बात होगी. भारत के एक अधिकारी का मानना है कि यह निर्माण 'ग़ैर क़ानूनी' है. इस सिलसिले में चीन को भारत के रुख से अवगत करा दिया गया है. साथ ही जम्मू कश्मीर के लोगों को पासपोर्ट के साथ नत्थी कागज पर चीनी वीजा देने के मुद्दे पर भी चर्चा होगी.

अधिकारियों का कहना है कि 2009 में दोतरफा संबंधों में तनाव के बावजूद भारत ने काफी संयम दिखाया. दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 60 अरब डॉलर को छू रहा है. इसलिए दोनों सरकारों के हित में यही है कि द्विपक्षी संबंधों को तनाव से दूर रखा जाए. पिछले दो महीनों में भारत ने चीन को 3.49 अरब डॉलर का निर्यात किया जबकि चीन से 5.49 अरब डॉलर का सामान भारत में आया.

बातचीत से पहले चीन के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार जोर दिया जाएगा. लेकिन भारत को इस बात की चिंता है कि चीन की वस्तुओं से भारत में मध्य और लघु उद्योगों को नुकसान पहुंच सकता है.

इसके अलावा दोनों देश के प्रतिनिधि जलवायु परिवर्तन, सैन्य साझेदारी और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की दोहा वार्ताओं पर भी चर्चा करेंगे. एसएम कृष्णा चीन के शेंचेंन शहर में गुजरात के 21 हीरा व्यापारियों की गिरफ्तारी की बात भी उठाएंगे. अब तक उनको लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है. कृष्णा के साथ भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव और संयुक्त सचिव (पूर्व) गौतम बांबावले और चीन में भारत के दूत एस जयशंकर भी वार्ताओं में हिस्सा लेंगे.

अपनी यात्रा के दौरान कृष्णा भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने की 60वीं वर्षगांठ पर होने वाले समारोहों का भी उद्घाटन करेंगे जो छह महीने तक चलेंगे. इसी साल भारत की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल भी चीन का दौरा करेंगी.

रिपोर्टः पीटीआई/ एम गोपालकृष्णन

संपादनः ए कुमार

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