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दुनिया

रियो में भारतीय खेल मंत्री विजय गोयल को मिली चेतावनी

रियो ओलंपिक में भारत के खिलाड़ी तो अब तक कोई तमगा नहीं जीत पाए हैं, हां एक मंत्रीजी ने अधिकारियों से चेतावनी की चिट्ठी जरूर हासिल कर ली है.

रियो के ओलंपिक प्रबंधन अधिकारियों ने भारत के खिलाड़ी दल के प्रमुख को चिट्ठी लिखकर कहा है कि आपके खेल मंत्री और उनके समर्थक बहुत परेशान कर रहे हैं, उन्हें संभालिए. यह भारत के खेल मंत्री विजय गोयल हैं जिन्होंने खिलाड़ियों के साथ सेल्फी खिंचवाने के चक्कर में सारे नियम-कायदे ताक पर रख दिए. और हद तो तब हो गई जब उनके साथ पहुंचे उनके समर्थक आयोजकों को ही लताड़ने लगे.

विजय गोयल लगातार चार दिन से फोटो खिंचवा रहे थे. हर भारतीय खिलाड़ी के साथ वह फोटो खिंचवाने पहुंच जाते. मैच खत्म होते ही उन्होंने बेहद थके हुए बॉक्सर विकास कृष्णन के साथ फोटो खिंचाई. जिमनास्ट दीपा कर्मकार के साथ सेल्फी ली. जापान से 2-2 की बराबरी के बाद हताश महिला हॉकी टीम के साथ फोटो खिंचाने के लिए तो वह टर्फ पर ही पहुंच गए. और इस बात से आयोजक चिढ़ गए.

बुधवार को आयोजकों ने चेतावनी दी कि भारत के केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल से खेल गांव में आने की अनुमति वापस ली जा सकती है. आयोजकों का आरोप है कि खेल मंत्री और उनके समर्थक उन जगहों पर भी पहुंच रहे हैं जहां जाने की इजाजत नहीं है. आयोजक समिति ने भारतीय दल को बाकायदा पत्र लिखा है और कहा है कि विजय गोयल के साथ आ रहे लोग बदतमीजी कर रहे हैं.

रियो 2016 आयोजन समिति की कॉन्टिनेंटल मैनेजर सारा पीटरसन ने भारतीय दल के प्रमुख राकेश गुप्ता को लिखी चिट्ठी में सीधी चेतावनी दी है. उन्होंने लिखा है, "हमें ऐसी कई रिपोर्ट्स मिली हैं कि आपके खेल मंत्री ऐसे लोगों के साथ ऐसे इलाकों में जाने की कोशिश कर रहे हैं, जहां जाने की इजाजत सिर्फ पंजीकृत लोगों को होती है. जब स्टाफ ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि उनके साथ आए लोगों को इन इलाकों में जाने की इजाजत नहीं है तो वे लोग आक्रामक हो गए स्टाफ के साथ धक्का-मुक्की तक की."

पीटरसन ने लिखा कि एक दिन पहले ही चेतावनी दिए जाने के बावजूद उन्होंने आज फिर वैसा ही व्यवहार किया. उन्होंने लिखा, "इस तरह का व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है. चेतावनियां दिए जाने के बावजूद जिम्नास्टिक वेन्यू और एरिना 3 में फिर वही हुआ." उन्होंने लिखा कि अगर ऐसी हरकत दोबारा हुई तो आपके मंत्री का पंजीकरण रद्द भी किया जा सकता है और उन्हें मिलीं सुविधाएं वापस ले ली जाएंगी.

राकेश गुप्ता ने बात संभालने की कोशिश की लेकिन यह भी माना कि गोयल से गड़बड़ हुई थी. उन्होंने कहा, "भारत और जापान का मैच खत्म होने पर मंत्रीजी को खिलाड़ियों से बातचीत के लिए बुलाया गया था. वह फील्ड पर चले गए और खिलाड़ियों से मिले. लेकिन जैसे ही उन्हें बताया गया कि वह गलत जगह हैं तो वहां से चले गए और खिलाड़ियों से बाहर मुलाकात की. उसके बाद से उन्होंने विशेष पास का इस्तेमाल किया है. इस घटना को बिना किसी वजह के इतना बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है."

वैसे, विजय गोयल शूटर अभिनव बिंद्रा का खेल देखने भी गए थे लेकिन जब देखा कि बिंद्रा मेडल नहीं जीत सके और चौथे नंबर पर रहे तो वहां से चले गए. इसी तरह बॉक्सर शिव थापा का मैच देखने भी पहुंचे थे लेकिन जैसे ही थापा मैच हारे, गोयल वहां से निकल लिए.

इस पूरी घटना पर गोयल का कहना है कि वह सारे नियमों का पालन कर रहे हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा, "मेरी जानकारी में हम सारे नियम-कायदों का पालन कर रहे हैं. हम ओलंपिक भावना और अपने खिलाड़ियों की हौसला आफजाई के लिए प्रतिबद्ध हैं. कुछ गलतफहमी हुई है क्योंकि हम तो आयोजकों के बताए सारे नियम मान रहे हैं."

भारत में ट्विटर पर गोयल की खासी खिंचाई हो रही है. पत्रकार अलका सक्सेना ने ट्वीट किया है, "नरेंद्र मोदी जी, कृपया विजय गोयल को रियो से वापस बुला लीजिए. उन्होंने भारत की नाक कटवा दी है. ऐसा शर्मनाक व्यवहार!"