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दुनिया

राहुल का बीजेपी, आप पर हमला

प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी का दबाव खत्म होने के 24 घंटे के अंदर राहुल गांधी ने तीखे तेवरों के साथ विपक्ष पर हमला किया. बिना नाम लिए उन्होंने बीजेपी और आम आदमी पार्टी को निशाने पर लिया.

पिछले साल जयपुर में कांग्रेस के अधिवेशन में राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया था, उस मौके पर राहुल ने भावुक भाषण दिया, लेकिन ठीक एक साल बाद दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन में उन्होंने आक्रामक अंदाज में भाषण दिया. राहुल गांधी ने इस मौके पर बीजेपी और उसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया. राहुल ने आरोप लगाया कि बीजेपी सांप्रदायिक नफरत की आग लगाने और लोगों को एक दूसरे के खिलाफ भड़काने में भरोसा करती है.

राहुल गांधी बीजेपी पर हमले करने से यही नहीं रुके, एआईसीसी के अधिवेशन में आए प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी ने पिछले 10 साल में साल दर साल और दिन प्रतिदिन संसद को बाधित करने में विश्वास किया, जिससे अहम विधेयक अटक गए. राहुल ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "लोकतंत्र आदेशों से नहीं चलता, लोकतंत्र किसी एक शख्स से नहीं चलता, हम सांप्रदायिक नफरत की आग लगाकर और लोगों को एक दूसरे के खिलाफ भड़का कर जवाब नहीं देंगे.''

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस के इस सम्मेलन से एक दिन पहले ही एलान किया था कि राहुल गांधी कांग्रेस की तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं होंगे. हालांकि पार्टी ने उनके नेतृत्व में लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

45 मिनट लंबे भाषण में राहुल गांधी ने बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी बातों से इशारा साफ था कि वे मोदी पर हमला बोल रहे हैं. गुरुवार को कांग्रेस कार्यसमिति ने राहुल गांधी को पार्टी के चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाया है. राहुल गांधी ने कहा कांग्रेस संविधान में यकीन रखती है, "हमारे सांसद संविधान के अनुसार नए प्रधानमंत्री का चुनाव करेंगे.''

Indien Kongress Partei Manmohan Singh und Rahul und Sonia Gandhi

सोनिया गांधी ने सम्मेलन से एक दिन पहले ही राहुल के उम्मीदवार न होने की बात कही.

सिलेंडर का लॉलीपॉप

अधिवेशन में भाषण देते हुए 43 वर्षीय गांधी ने प्रधानमंत्री को यह सुझाव भी दिया कि सरकार को सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या नौ से बढ़ाकर 12 कर देनी चाहिए. सिलेंडर का मुद्दा उछालकर राहुल गांधी आम आदमी का दर्द बांटने की कोशिश करते दिखे. भारत में एक परिवार को साल में नौ सिलेंडर सब्सिडी की दर से मिलते हैं. बाकी सिलेंडर के लिए लोगों को बाजार का भाव चुकाना पड़ता है. राहुल सिलेंडर के जरिए मध्यवर्गीय परिवार में सेंध लगाने की कोशिश में हैं. राहुल के बयान के बाद ही पेट्रोलियम मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने कहा कि सस्ते रसोई गैस सिलेंडरों का सालाना कोटा नौ से बढ़ाकर 12 किया जाएगा. भाषण के दौरान पार्टी के कार्यकर्ता काफी उत्साहित दिखे, भाषण के दौरान वे राहुल गांधी के नाम के नारे भी लगाते नजर आए.

अगले लोकसभा चुनाव को राहुल ने देश और कांग्रेस के लिए नया मोड़ बताया, "हमारे सामने इस बात का विकल्प नहीं कि हम बदलते हैं या नहीं लेकिन इसका विकल्प है कब और कैसे बदलाव करेंगे."

आप पर हमला

राहुल ने अप्रत्यक्ष रूप से दिल्ली में सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी पर भी हमला बोला. चुटीले अंदाज में राहुल गांधी ने आम आदमी पार्टी का नाम लिए बिना वार किया, "विपक्ष की पार्टियां ऐसी मार्केटिंग कर रही हैं कि वो गंजों को कंघी बेच रही हैं, अब कुछ लोग आए हैं जो बाल काटने लगे हैं." राहुल गांधी ने एलान किया कि लोकसभा चुनावों में 15 फीसदी टिकट गांव के प्रधान और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के फैसले के बाद बांटे जाएंगे. इसे आम आदमी पार्टी के असर के तौर पर देखा जा रहा है. राहुल ने कहा कि टिकट के लालच में आने वाले लोगों को पार्टी का टिकट नहीं देना चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी को उन कार्यकर्ताओं को टिकट देना चाहिए जो दिल और सोच से कांग्रेसी हैं. अधिवेशन में महिलाओं की कम संख्या और महिला आरक्षण पर कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि 50 फीसदी कांग्रेस मुख्यमंत्री महिला होनी चाहिए. राहुल ने अगले तीन महीने पार्टी के लिए अहम बताए हैं जिसमें 6 भ्रष्टचार विरोधी विधेयक को संसद से पास कराना भी शामिल है.

एए/एजेए (पीटीआई, एएफपी)

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