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दुनिया

रासायनिक निशस्त्रीकरण को नोबेल

रासायानिक हथियारों पर रोक लगाने के लिए काम करने वाले संगठन को इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाएगा. सीरिया में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कथित रूप से सामने आने के बाद यह संगठन दुनिया की नजर में तेजी से उभरा है.

तालिबान की गोलियों का शिकार हुई मलाला युसूफजई दुनिया के सबसे बड़े पुरस्कार की विजेता नहीं बन सकीं. पुरस्कारों की नजर में सीरिया का संकट दुनिया की शांति के लिए ज्यादा बड़ा खतरा और ऑर्गेनाइजेशन फॉर प्रोहिबिशन ऑफ केमिकल वीपन्स यानी ओपीसीडब्ल्यू की भूमिका शांति के लिए ज्यादा जरूरी साबित हुई है.

नोबेल कमेटी के चेयरमैन थोर्ब्जॉन जागलैंड ने विजेता के नाम का एलान करते हुए कहा कि पुरस्कार, "एक संदेश है उन सबके लिए जिन्होंने समझौते की पुष्टि नहीं की है और जिन्होंने समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान नहीं किया है." इसके साथ ही उन्होंने कहा, "रूस और अमेरिका को हथियारों को खत्म करने में तेजी लानी चाहिए."

हेग में मुख्यालय वाला यह अंतरराष्ट्रीय संगठन दुनिया में रासायनिक हथियारों के बारे में जानकारी रखने वाले विशेषज्ञों का केंद्र है जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ का भी समर्थन हासिल है. सीरिया के दमिश्क में कथित रूप से सारिन गैस की वजह से हजारों लोगों के मरने की बात सामने आने के बाद यह संगठन इन दिनों काफी चर्चा में है. रूस और अमेरिका के बीच हुई सहमति के बाद सीरिया के रासायनिक हथियारों को ढूंढने और उन्हें खत्म करने का काम यही संगठन कर रहा है.

नॉर्वे की नोबेल कमेटी ने 12.5 लाख डॉलरों और असीमित सम्मान वाले नोबेल शांति पुरस्कारों के लिए ओपीसीडब्ल्यू के नाम का एलान शुक्रवार को किया. हालांकि आधिकारिक एलान से करीब एक घंटे पहले ही नॉर्वे की सरकारी टीवी चैनल एनआरके ने ओपीसीडब्ल्यू को यह पुरस्कार मिलने की बात कही. एनआरके पहले भी ऐसे दावे करता रहा है जो सही साबित हुए हैं.पिछले साल यूरोपीय संघ को नोबेल शांति पुरस्कार मिला था.

यह हफ्ता नोबेल पुरस्कारों के एलान का है. चिकित्सा, भौतिक, रसायन और साहित्य के नोबेल विजेता पहले ही घोषित किए जा चुके हैं. अब सोमवार को अर्थशास्त्र के नोबेल के एलान के साथ ही इस साल के नाम पूरे हो जाएंगे. विजेताओं को पुरस्कार 12 दिसंबर को ओस्लो में दिए जाएंगे.

एनआर/एमजे (एएफपी)

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