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दुनिया

राष्ट्रीय दिवस पर तालिबान के खिलाफ परेड

पाकिस्तान की सेना तालिबान से डरती है, इसी वजह से वो राष्ट्रीय दिवस के दिन परेड भी नहीं निकालती. सात साल बाद सेना ने परेड निकाली. भारतीय पीएम नरेन्द्र मोदी ने लंबित मुद्दों को द्विपक्षीय बातचीत से सुलझाने की बात कही.

पाकिस्तान में इससे पहले राष्ट्रीय दिवस की परेड 2008 में हुई थी. उसके बाद से परेड नहीं हुई. सेना को आशंका थी कि तालिबान बदला लेने के लिए परेड को निशाना बना सकता है. किसी संभावित बम हमले की आशंका के चलते सोमवार को इस्लामाबाद में मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिया गया. कुछ सड़कें भी बंद की गईं. इस दौरान राष्ट्रपति मामनून हुसैन, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेनाध्यक्ष जनरल राहिल शरीफ भी मौजूद थे.

कड़ा एलान

बीते साल 16 दिसंबर को तालिबान ने पेशावर के सैन्य स्कूल में हमला कर 150 लोगों की जान ली थी. मृतकों में ज्यादातर बच्चे थे. उस हमले के बाद पाकिस्तान ने आतंकवाद के सफाये का एलान किया. प्रधानमंत्री ने मौत की सजा पर लगी रोक हटा दी और अब तक कम से कम 48 लोगों को फांसी पर लटकाया जा चुका है.

आतंकवाद से लड़ते हुए मारे गए सैनिकों और पेशावर स्कूल हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धाजंलि देते हुए राष्ट्रपति हुसैन ने कहा, "मैं पेशावर आर्मी स्कूल में मारे गए मासूम शहीदों को भी सलाम करता हूं, उनकी कुर्बानी ने दुश्मनों को साफ बता दिया है कि इस देश को नहीं हराया जा सकता."

हिंसामुक्त माहौल

भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को बधाई दी और टि्वटर पर लिखा है, ‘‘मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि सभी लंबित मुद्दों को आतंक तथा हिंसा से मुक्त माहौल में द्विपक्षीय बातचीत से सुलझाया जा सकता है.”

मोदी ने यह भी लिखा, “मैंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस पर बधाई देते हुए पत्र लिखा है.”

आगे क्या

भारत और पाकिस्तान के बीच फिलहाल किसी भी स्तर की बातचीत बंद है. बीते साल चुनाव जीतने के बाद मोदी ने नवाज शरीफ को अपने शपथ ग्रहण समारोह का न्योता दिया था. शरीफ इसमें शामिल हुए. तब उम्मीद जगी कि दोनों देशों के संबंध फिर से बेहतर हो सकते हैं. लेकिन पाकिस्तानी उच्चायुक्त के हुर्रियत नेताओं से बातचीत करने के बाद भारत ने सचिव स्तर की बातचीत बंद कर दी. पिछले दिनों नए विदेश सचिव को पाकिस्तान भेजकर भारत ने शांति प्रक्रिया को शुरू करने के संकेत दिए हैं.

भारत-पाकिस्तान संबंधों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के मुताबिक मुबंई हमलों के आरोपियों पर नरमी की वजह से नई दिल्ली नाराज है. शरीफ संबंध बेहतर करना चाहते हैं लेकिन पाकिस्तान में ताकत की असली चाबी सेना के पास है और सेना का अस्तित्व भारत विरोधी भावना पर टिका है.

ओएसजे/एमजे (पीटीआई, एएफपी)

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