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दुनिया

'राष्ट्रपति बन सकती हैं स्मृति ईरानी'

संस्कृत और जर्मन को लेकर विवाद में पड़ी मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी फिर से आलोचना का शिकार हुई हैं. मुद्दा है राजस्थान के भीलवाड़ा में एक ज्योतिष से मिलने का.

राजस्थान के कारोई में भविष्य जानने पहुंची मंत्री की यह कह कर आलोचना की जा रही है कि मंत्री होने के नाते वह अंधविश्वास और कर्मकांड को बढ़ावा दे रही हैं. हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि कोई नेता या मंत्री किसी पंडित या ज्योतिषाचार्य के पास गया हो.

सबसे पहले अपनी शिक्षा के बारे में गलत जानकारी देने पर स्मृति ईरानी खबरों में आई थीं. हाल ही में केंद्रीय विद्यालय में जर्मन की जगह संस्कृत वाले मुद्दे पर भी उनकी खूब आलोचना हुई. अपनी सफाई में उन्होंने कहा कि संस्कृत के विकल्प के तौर पर जर्मन पढ़ाया जाना निश्चित ही संविधान का उल्लंघन था और जिस तरह से स्कूलों में फ्रेंच और मैंडरिन पढ़ाई जाती है उसी तरह से जर्मन भी पढ़ाई जाएगी.

हालांकि ज्योतिष के पास जाने के बारे में स्मृति ईरानी ने इस बारे में पूछने पर बस इतना ही कहा कि उनकी कोई जन्मपत्री नहीं है. और यह भी कि वह अपने निजी जीवन में क्या करती हैं, इससे मीडिया को कोई लेना देना नहीं होना चाहिए. नाथद्वारा और पंडित नाथुलाल व्यास से मिलने को उन्होंने निजी यात्रा बताया और इस बारे में किसी से बात नहीं की.

ऐसा पहली बार भी नहीं हुआ है कि वह इन ज्योतिषाचार्य से मिली हों. 2010 में भी वह कारोई जा कर इनसे मिल चुकी हैं. बताया जाता है कि इन्होंने ही स्मृति ईरानी को राजनीति में आने की सलाह दी थी और कहा था कि यहां उनका भविष्य उज्ज्वल होगा. अबकी बार उन्होंने स्मृति ईरानी से कहा है कि आने वाले पांच साल में वह राष्ट्रपति बन सकती हैं.

विपक्षी नेता इस बात पर उनकी आलोचना कर रहे हैं कि शिक्षा मंत्री होने के नाते उन्हें अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देना चाहिए.

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