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दुनिया

रामनाथ कोविंद होंगे एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार

12 साल तक सांसद रहे कोविंद ने शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को उठाया. ऐसा कहा जाता है कि वकील रहने के दौरान कोविंद ने गरीब दलितों के लिए मुफ्त में कानूनी लड़ाई लड़ी.

दलित चेहरा होने की वजह से कोविंद की उम्मीदवारी बहुत मजबूत मानी जा रही है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा राजद अध्यक्ष लालू यादव और यूपी में समाजवादी पार्टी और बसपा भी इनके नाम का समर्थन कर सकती है. उनके नाम का एलान किये जाने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई नेताओं को इसकी सूचना दी. भाजपा की संसदीय बोर्ड की आज यहां हुयी बैठक में श्री कोविंद को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया गया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक में उपस्थित थे.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाये जाने पर आज कहा कि वह एक विशिष्ट राष्ट्रपति साबित होंगे और हमेशा की तरह गरीबों और वंचितों के लिये कार्य करते रहेंगे. कांग्रेस ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के भारतीय जनता पार्टी के फैसले को एकतरफा बताते हुए आज कहा कि विपक्षी दल 22 जून को इस बारे में अपना फैसला लेंगे.

Indien - Bihar Minister Nitish Kumar (UNI Photo)

घोषणा के बाद नीतिश कुमार ने बधाई दी

रामनाथ कोविंद इस समय में बिहार के राज्यपाल हैं,  हालांकि घोषणा से पहले इस पद के लिए उनका नाम बहुत अधिक चर्चा में नहीं था. 71 वर्षीय कोविंद का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को उत्तरप्रदेश के कानपुर देहात में हुआ था. उन्हें कानपुर विश्वविद्यालय से बीकॉम और एलएलबी की है. कोविंद की पहचान एक दलित चेहरे के रूप में रही है. छात्र जीवन में कोविंद ने अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए काफी काम किया है.

गवर्नर ऑफ बिहार की वेबसाइट के मुताबिक कोविंद दिल्ली हाई कोर्ट में 1977 से 1979 तक केंद्र सरकार के वकील रहे थे. 1980 से 1993 तक केंद्र सरकार के स्टैंडिग काउंसिल में थे. वे दो बार उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं. 12 साल के सांसदीय जीवन में कोविंद ने शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को उठाया. वकील रहने के दौरान कोविंद ने गरीब दलितों के लिए मुफ्त में कानूनी लड़ाई लड़ी.

एसएस/एमजे (वार्ता)

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