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दुनिया

राफ्टिंग को हल्के में न लें

गर्मियों में बड़ी संख्या में सैलानी पहाड़ी इलाकों में जाते हैं, वहां नदियों में राफ्टिंग करते हैं. मौज मस्ती के माहौल वे अक्सर सुरक्षा को हल्के में लेते हैं. ऐसा न करें.

हर साल गर्मियों में बड़ी संख्या में सैलानी उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की ओर रुख करते हैं. युवा रिवर राफ्टिंग में खासी दिलचस्पी लेते हैं. राफ्टिंग शुरू करने से पहले इंस्ट्रक्टर उन्हें जरूरी निर्देश देते हैं. लोगों से बार बार कहा जाता है कि वे हेलमेट पहने और लाइफ जैकेट कसकर बांधें लेकिन इसके बावजूद मौज मस्ती के मूड में युवा इसे हल्के में लेते हैं.

वैसे से सैलानियों को राफ्टिंग नदी के हल्के बहाव में करायी जाती है, लेकिन इसके बावजूद लाइफ जैकेट और हेलमेट अच्छे ढंग से पहने रहना चाहिए. तेज झटके के साथ राफ्ट से गिरने पर पहाड़ी नदी जानलेवा साबित हो सकती है.

बिना हेलमेट के सिर पत्थरों से टकरा सकता है और ढीली लाइफ जैकेट कभी भी खुल सकती है. और लाइफ जैकेट खुलने का मतलब है मौत से सामना. यह वीडियो बताता है कि रोमांचक लगने वाली राफ्टिंग में कभी कभार जैसे जोखिम भरे पलों से सामना हो सकता है.

इसके अलावा राफ्टिंग के दौरान पेड़ों की झुलती शाखाओं से टकराने का या झाड़ियों में घुसने का खतरा भी बना रहता है, लिहाजा इंस्ट्रक्टर की बातें ध्यान से सुनें और उन पर अमल भी करें.

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